दो दिन पहले ही कूनो की टीमों ने राजस्थान के झालाबाड़ और राजगढ़ इलाकों से लगे सीमा क्षेत्र से चीता केएपी-13 को ट्रैंकुलाइज कर वापस कूनो लाया था। …और पढ़ें

HighLights
- पिछले कई दिनों से आबादी क्षेत्र में मिल रही थी लोकेशन
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का श्योपुर दौरा 10 को
- लगातार निगरानी में हैं चीते
डिजिटल टीम, ग्वालियर। कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने गुरुवार को नर चीता केएपी-12 को राजस्थान में सवाई माधोपुर जिले के रणथंभौर नेशनल पार्क की सीमा से लगे गांव से ट्रैंकुलाइज कर वापस कूना लाया गया। पूरे आपरेशन में सीसीएफ उत्तम शर्मा और उनकी पूरी टीम शामिल रही।
चीता पूरी तरह सुरक्षित: सीसीएफ
सीसीएफ ने बताया कि चीता पूरी तरह सुरक्षित है। चीता पिछले साल पांच फरवरी को कूनो के खुले जंगल में छोड़ा गया था। कुछ दिन बाद वह रिजर्व जोन से निकलकर नर चीता केएपी-12 पिछले कई दिनों से राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के रणथंभौर नेशनल पार्क में पहुंच गया था और पिछले चार दिनों से इसकी लोकेशन रणथंभौर पार्क से लगे इंसानी इलाकों में मिल रही थी, इससे मानव-चीता द्वंद्व की आशंका बढ़ गई थी।
बता दें कि, दो दिन पहले ही कूनो की टीमों ने राजस्थान के झालाबाड़ और राजगढ़ इलाकों से लगे सीमा क्षेत्र से चीता केएपी-13 को ट्रैंकुलाइज कर वापस कूनो लाया था। अब ग्वालियर के घाटीगांव इलाके में घूम रहे चीता केएपी-1 को वन विभाग की टीम द्वारा कूनो वापस लाया जा सकता है।
… कल दो चीतों को छोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव 10 मई को दो दिवसीय प्रवास पर श्योपुर आ रहे हैं। यहां रात्रि विश्राम के बाद 11 मई को कूनो नदी के आसपास के खुले वन क्षेत्र में बोत्स्वाना से लागए गए दो चीतों को छोड़ेंगे।
