नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। कानूनी दांव-पेच और प्रशासनिक देरी में दो साल तक फंसा रहा पांच नंबर स्थित आरएसएस मार्केट री-डेवलपमेंट प्रोजेक्ट अब आखिरकार जमीन पर उतरने जा रहा है। मध्य प्रदेश की री-डेवलपमेंट पालिसी-2023 के तहत प्रदेश के पहले बड़े प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य अगले महीने से शुरू होने की तैयारी है।
प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा मानी जा रही 65 दुकानों की शिफ्टिंग का रास्ता भी अब साफ हो गया है। व्यापारियों और हाउसिंग बोर्ड के बीच अनुबंध हो चुका है।
अगले हफ्ते से दुकानों को अस्थायी शेड में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
650 करोड़ में बनेंगे 20 मंजिला आठ टावर
हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार निर्माण एजेंसी का चयन और टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बोर्ड की अगली बैठक में अंतिम मंजूरी मिलते ही निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
करीब 650 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 45 साल पुराने जर्जर मार्केट की जगह 20-20 मंजिला आठ आधुनिक टावर तैयार किए जाएंगे।
हाउसिंग बोर्ड ने प्रोजेक्ट को 42 महीनों में पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।
कानूनी विवाद और डिजाइन बदलाव से अटका था प्रोजेक्ट
प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही इसे कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। शुरुआती चरण में 11 लोगों ने याचिका दायर कर योजना को चुनौती दी थी, जिससे मामला लंबे समय तक उलझा रहा।
इसी दौरान हाउसिंग बोर्ड ने प्रोजेक्ट के इंटरनल डिजाइन में बड़ा बदलाव किया। पहले यहां पांच-बीएचके फ्लैट बनाने की योजना थी, लेकिन बाद में इसे बदलकर एक से चार-बीएचके तक सीमित कर दिया गया। डिजाइन में बदलाव के कारण भवन अनुज्ञा की फाइल नगर निगम में महीनों तक लंबित रही।
अब बनेगा नया कमर्शियल हब
री-डेवलपमेंट के बाद यह क्षेत्र एमपी नगर और न्यू मार्केट की तर्ज पर बड़ा कमर्शियल और रिहायशी हब बनेगा। यहां 125 नई दुकानें तैयार की जाएंगी।
प्रोजेक्ट में आधुनिक सुविधाओं से लैस स्विमिंग पूल, योगा सेंटर और बच्चों के लिए प्ले एरिया भी बनाया जाएगा। कुल 380 फ्लैट्स में से 165 पुराने आवंटियों को दिए जाएंगे, जबकि 215 फ्लैट नए खरीदारों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
टेंडर हो चुके है, अगले महीने से काम शुरू होगा। व्यापारियों के साथ अनुबंध हो गया है ।काम की शुरूआत वहां से करेंगे, जहां बहुमंजिला इमारत खाली करवाई गई थी। – प्रदीप हडाऊ, ईई, हाउसिंग बोर्ड, भोपाल।
