इंदौर के जूनी कसेरा बाखल स्थित शासकीय उर्दू मिडिल स्कूल क्र. 20 इस साल 100 वर्ष पूरे कर रहा है। यहां से बालीवुड के मशहूर हास्य अभिनेता जानी वॉकर और प्…और पढ़ें

HighLights
- इंदौर के ऐतिहासिक स्कूल की दर्दभरी दास्तान
- दीवारों पर दरारें, छत से टपक रहा पानी
- 80 विद्यार्थियों को नजदीक के स्कूल में किया शिफ्ट
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जूनी कसेरा बाखल स्थित शासकीय उर्दू मिडिल स्कूल क्र. 20 इस साल 100 वर्ष पूरे कर रहा है। यहां से बालीवुड के मशहूर हास्य अभिनेता जानी वॉकर और प्रसिद्ध शायर राहत इंदौरी ने पढ़ाई की है। एक ओर स्कूल अपने गौरवशाली इतिहास की वजह से चर्चा में है। वहीं दूसरी ओर इसकी जर्जर इमारत चिंता का कारण बनी हुई है। हालत इतनी खराब हो गई है कि कक्षाएं लगाना बंद करना पड़ा।
दीवारों पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें हैं। बरसात के दिनों में टिन की छत से पानी टपकता है। भवन के कई हिस्से कमजोर हो चुके हैं। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए स्कूल में पढ़ने वाले 80 से ज्यादा विद्यार्थियों को पास के कस्तूबा हायर सेकंडरी स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है। फिलहाल वहां सुबह की शिफ्ट में इन बच्चों की पढ़ाई हो रही है। मूल स्कूल में दोपहर के समय दूसरे विद्यार्थियों की कक्षाएं संचालित की जाती हैं।
पुराने स्कूल में करते हैं प्रार्थना
भले ही विद्यार्थियों की कक्षाएं नजदीक स्कूल में लग रही हों, लेकिन उनका लगाव अभी अपने पुराने स्कूल से है। रोज सुबह करीब 6.30 बजे विद्यार्थी अपने पुराने स्कूल पहुंचते हैं। यहां प्रार्थना और लाइन लगाने के बाद सभी बच्चे पैदल पास के स्कूल जाते हैं।
जिम्मेदारों ने नहीं दिया ध्यान
स्कूल के भवन की समस्या अचानक नहीं आई। लंबे समय से यहां सुविधाओं की कमी रही है। स्कूल में सिर्फ छह शिक्षक हैं और चार कमरे ही उपयोग के लायक हैं। कई बार अलग-अलग कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाना पड़ता था।
स्कूल भवन की अधिकारियों को भी सुध नहीं
जर्जर भवन के कारण यह परेशानी बढ़ गई। प्राचार्य साजिद बेग ने बताया कि स्कूल भवन की खराब स्थिति को लेकर कई बार अधिकारियों को बताया है। मगर उन्होंने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। नगर निगम और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पिछले साल और इस साल स्कूल का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों की ओर से नया भवन बनाने का भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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तोड़कर बनाना है नया भवन
स्कूल की इमारत काफी पुरानी है। इसे तोड़कर नया भवन बनाना जरूरी है। स्कूल में 80 से अधिक विद्यार्थी हैं, इसलिए सरकारी फंड से नए भवन के निर्माण की व्यवस्था की जाएगी। अजय मिश्रा, जिला परियोजना समन्वयक।
