डकैती के प्रकरण में देवास जिले के कन्नौद अपर सत्र न्यायालय से सन 1999 में सजा होने के कई माह बाद अन्य प्रकरण में पेशी के लिए बंदी को बुधनी ले जाया गया…और पढ़ें

HighLights
- देवास जिले की बागली पुलिस ने उसके गांव के समीप जंगल में घेराबंदी करके पकड़ा
- डकैती के प्रकरण में वर्ष 1999 में देवास के कन्नौद अपर सत्र न्यायालय से हुआ था दण्डित
- पुलिस की टीम तलाश में लगी रही लेकिन ढाई दशक तक सफलता नहीं मिल पाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास : डकैती के प्रकरण में देवास जिले के कन्नौद अपर सत्र न्यायालय से सन 1999 में सजा होने के कई माह बाद अन्य प्रकरण में पेशी के लिए बंदी को बुधनी ले जाया गया था। वापसी में रास्ते में मक्सी रेलवे स्टेशन से वह व अन्य साथी पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए थे।
26 साल बीतने के बाद अब बंदी पुलिस के हत्थे चढ़ा है
पुलिस की टीम तलाश में लगी रही लेकिन ढाई दशक तक सफलता नहीं मिल पाई। 26 साल बीतने के बाद अब बंदी पुलिस के हत्थे चढ़ा है। देवास जिले की बागली पुलिस ने बंदी बुद्ध सिंह उर्फ बुधिया निवासी ग्राम बोरी जिला देवास को उसके गांव के समीप के जंगल से घेराबंदी करके दबोचा है।
फरवरी 1999 में हुई थी सजा…
बागली थाना प्रभारी जीवन सिंह भिंडोरे के अनुसार बंदी बुधिया व उसके साथियों को 27 फरवरी 1999 को न्यायालय द्वारा सजा से दण्डित कर जेल भेजा गया था। इनको न्यायालय बुधनी के लंबित प्रकरण में पेशी हेतु 9 जुलाई 1999 को पुलिस अभिरक्षा में ले जाया गया था।
उज्जैन में 10 जुलाई 1999 को प्रकरण दर्ज कराया गया था
पेशी के पश्चात वापसी में बंदी मक्सी रेलवे स्टेशन से पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए थे। इस संबंध में ड्यूटी पर तैनात पुलिस गार्ड द्वारा थाना जीआरपी उज्जैन में 10 जुलाई 1999 को प्रकरण दर्ज कराया गया था।
प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी
फरार दण्डित बंदियों की गिरफ्तारी के लिए केन्द्रीय जेल उज्जैन द्वारा समय-समय पर संबंधित पुलिस इकाइयों को पत्र जारी कर गिरफ्तारी के प्रयास किए लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। गिरफ्तार किये गए बंदी ने कहां-कहां किस तरह फरारी काटी, इसके बारे में पूछताछ की जा रही है।
