नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक सिंह की एकलपीठ ने महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोद्योग विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग व प्रौद्योगिकी विभाग में प्रोफेसर डा. अंजनेय कुमार पांडे की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब-तलब कर लिया है।
अधिवक्ता प्रवीण कुमार वर्मा व ज्योति वर्मा ने पक्ष रखा
याचिकाकर्ता चित्रकूट निवासी समाजसेवी बलराम सिंह की ओर से अधिवक्ता प्रवीण कुमार वर्मा व ज्योति वर्मा ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि डा. अंजनेय कुमार पांडे के पास केवल बीई (बैचलर आफ इंजीनियरिंग) की डिग्री है, जबकि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर नियुक्ति के लिए संबंधित विषय में एमटेक और पीएचडी जैसी उच्च तकनीकी योग्यता आवश्यक है।
विभागाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी भी दी गई
डा. पांडे के पास एमबीए और मैनेजमेंट विषय में पीएचडी की डिग्री है, लेकिन इसके बावजूद वे सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन तथा ग्रामीण इंजीनियरिंग जैसे तकनीकी विषयों में एमटेक और पीएचडी छात्रों को पढ़ा रहे हैं। निर्धारित योग्यता नहीं होने के बावजूद डा. पांडे को प्रोफेसर नियुक्त किया गया और बाद में विभागाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी भी दी गई।
दो अलग-अलग तिथियों से नियमित दिखाया
आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए याचिका में दावा किया गया है कि डा. पांडे को लेक्चरर पद पर छह सितंबर, 1993 और नाै मार्च, 1994, दो अलग-अलग तिथियों से नियमित दिखाया गया है।
हेराफेरी और मिलीभगत की ओर संकेत करती है
याचिका में इसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता बताते हुए कहा गया है कि एक ही व्यक्ति की एक ही पद पर दो अलग-अलग तारीखों से नियमित नियुक्ति रिकार्ड में हेराफेरी और मिलीभगत की ओर संकेत करती है।
मूल दस्तावेज सुरक्षित रखने एवं जब्त करने के निर्देश
याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट से मांग की है कि डा. अंजनेय कुमार पांडे की नियुक्ति तत्काल निरस्त की जाए और नियुक्ति से जुड़े सभी मूल दस्तावेज सुरक्षित रखने एवं जब्त करने के निर्देश दिए जाएं।
पंजीयन को तीन दिन शेष, कई कालेज अब भी गायब
उच्च शिक्षा विभाग की प्रवेश प्रक्रिया में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों में रूझान बना हुआ है। 14 मई तक आनलाइन पंजीयन का मौका दिया गया है। तीन दिन बाकी है लेकिन अभी तक 60 प्रतिशत से ज्यादा कालेज को उच्च शिक्षा विभाग आनलाइन काउंसलिंग में शामिल नहीं कर सका है।
जिन कालेजों को शामिल नहीं किया, फीस निर्धारण नहीं
जिन कालेजों को शामिल नहीं किया गया है उनकी फीस फीस निर्धारण नहीं हुई थी। बीते शनिवार को फीस कमेटी ने उच्च शिक्षा विभाग को कालेजों की फीस निर्धारण कर सूची भेज दी है लेकिन अभी उनके नाम नहीं जुड़ पाए हैं इस वजह से विद्यार्थियों को सीमित विकल्प मिल रहा है।
आंकलन किए बगैर ही सभी कालेजों की फीस एक समान
कालेजों का आरोप है कि एफआरसी ने सुविधाओं और संसाधनों का आंकलन किए बगैर ही सभी कालेजों की फीस एक समान कर दी है। एनइएस कालेज में प्रवेश संबंधी जानकारी लेने पहुंची सोनिया तिवारी ने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक भर्ती बड़े स्तर पर निकल रही है जिस वजह से अधिकांश विद्यार्थी बीएड की पात्रता हासिल करने के लिए यह कोर्स कर रहे हैं।
प्रथम चरण के आवेदन 14 मई तक स्वीकार किए जाएंगे
इस बार दस कालेज का ही विकल्प दिया जा सकता है। जिसमें मेरिट के अनुसार प्रवेश मिलेगा। ई-प्रवेश पोर्टल के माध्यम से प्रथम चरण के आवेदन 14 मई तक स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद 20 मई को प्रथम चरण की प्रवेश सूची जारी होगी तथा चयनित विद्यार्थियों को 25 मई तक शुल्क जमा कर प्रवेश सुनिश्चित करना होगा।
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