आंदोलनकारी अमित भटनागर की विगत शुक्रवार को हुई गिरफ्तारी के बाद से लगातार पन्ना और फिर छतरपुर जिले के ढोड़न बांध पर आंदोलन चल रहा है। …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, छतरपुर। केन बेतवा लिंक परियोजना के चलते बुधवार को बांध स्थल ढोड़न गांव में सरकारी संपत्ति, मुआवजा लेने वाले लोगों के घर और खाली पड़े घरों का अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन के साथ पुलिस की टीम पहुंची थीं।
ऐसे लोग जो मुआवजा लेकर वहीं रह रहे हैं उनसे जगह खाली करवाने के लिए समझाइश देने के साथ ही मुआवजा राशि लेकर दूसरी जगह घर बनाने वालों और खाली पड़े घरों को तोड़ने की योजना थी। इस दौरान एक खाली पड़े घर को बैकहो लोडर से तोड़ा जा रहा था तभी ग्रामीण उग्र हो गए और गाड़ियों पर पथराव कर दिया।
अचानक हुई इस घटना से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी खुद को बचाने के लिए मौके से निकल आए। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि बिना बताए ही प्रशासन घर गिराने लगी जिसमें एक परिवार अपने बच्चों के साथ अंदर ही था। घर का मलबा उनके ऊपर गिरने से वह लहूलुहान हो गया है। मामले के कुछ वीडियो भी सामने आ रहे हैं जिसमें टूटे हुए घर में एक दंपति अपने बच्चों के साथ पड़े हैं।
गांव वालों का दावा है कि वह लहूलुहान पड़े हैं जबकि प्रशासन का दावा है कि रंग लगाकर ऐसा किया गया है। हालांकि टूटे घर में पड़े लोगों की स्थिति लहूलुहान जैसी दिखाई नहीं पड़ रही है।
मामले में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही घटनाक्रम के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। इनका कहना है मुआवजा लेकर बाहर घर बनाने वाले और खाली पड़े घरों को टीम तोड़ने गई थी। इस दौरान कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इससे वाहनों को नुकसान पहुंचा है। उसके हिसाब से कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीण खुद पर रंग डालकर झूठे आरोप लगा रहे हैं।
पार्थ जैसवाल, कलेक्टर
गांव में नोटिस देने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बंद पड़ी सरकारी संपत्ति, दूसरी जगह घर बनाने वाले और खाली पड़े मकानों को तोड़ने टीम गई थी। हमनें अनाउंस किया लेकिन ग्रामीणों ने पथराव कर गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया है। इसमें गाड़ी टूटने के साथ ही एक पुलिसकर्मी घायल हुआ है। घटना के अनुसार मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
रजत सकलेचा, पुलिस अधीक्षक
