नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। देवास पुलिस ने चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य लग्जरी कार से वारदात करने आते थे और इनके निशाने पर धार्मिक आयोजनों में शामिल होने वाली महिला श्रद्धालु रहती थीं। आरोपितों से 158 ग्राम वजनी नौ सोने की चेन, वारदात में प्रयुक्त करीब 20 लाख रुपये कीमत की कार, छह मोबाइल फोन और 3,500 रुपये नकद जब्त किए गए हैं।
चेन और पेंडल चोरी कर लिया गया
पुलिस के अनुसार, राधागंज क्षेत्र निवासी सरोज अग्रवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 10 जून को मंडी व्यापारी एसोसिएशन धर्मशाला, एबी रोड में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर उनके गले से करीब 3.50 लाख रुपये कीमत की सोने की चेन और पेंडल चोरी कर लिया गया।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की सैकड़ों फुटेज का विश्लेषण किया गया। संदिग्ध महिलाओं की गतिविधियों को चिन्हित कर उनकी आवाजाही ट्रेस की गई। जांच के दौरान आरोपितों की लोकेशन भोपाल तक मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान अपनी कार को दूर खड़ा कर देता था। इसके बाद महिलाएं पैदल या ऑटो से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचती थीं। आरती, प्रसाद वितरण और भीड़भाड़ के समय महिला श्रद्धालुओं के करीब पहुंचकर उनके गले से सोने की चेन निकाल लेती थीं। वारदात के तुरंत बाद गिरोह के सदस्य अलग-अलग दिशाओं में निकल जाते थे, ताकि किसी को संदेह न हो।
गिरोह के पुरुष सदस्य निगरानी रखने, परिवहन की व्यवस्था करने और चोरी के माल को ठिकाने लगाने का काम करते थे।

मोबाइल में मिले कई धार्मिक आयोजनों के विवरण
पुलिस ने बताया कि आरोपितों के मोबाइल फोन से अयोध्या, ओरछा, उज्जैन, नरसिंहपुर, जयपुर और अलवर सहित विभिन्न शहरों में होने वाले धार्मिक आयोजनों की जानकारी मिली है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह इन आयोजनों में भी वारदात की तैयारी कर रहा था।
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ये हुए गिरफ्तार
गिरोह की मुख्य सरगना जया निवासी मदनगीर, दक्षिण दिल्ली सहित ज्योति मानकर, मग्मा, देवी, देवेंद्र मुगम, रवि और राहुल को गिरफ्तार किया गया है। सभी वर्तमान में दक्षिण दिल्ली में रहते हैं और मूल रूप से तमिलनाडु के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपितों के खिलाफ दिल्ली, मुंबई और हरियाणा में चोरी व लूट के छह प्रकरण पहले से दर्ज हैं।
