नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण के गंभीर आरोपों में घिरे पूर्व विधायक शशांक भार्गव की जमानत अर्जी पर सुनवाई आगे बढ़ा दी है।
आदेश देने से पहले वह पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो देखेंगे
कोर्ट ने साफ कर दिया है कि आदेश देने से पहले वह पूरे घटनाक्रम से जुड़े वीडियो का स्वयं अवलोकन करेगा। सुनवाई के दौरान भार्गव पक्ष ने वीडियो देखने की मांग उठाई।
कोर्ट ने यह आग्रह स्वीकार कर लिया
दलील दी गई कि मामले की वास्तविक परिस्थितियां और वीडियो की प्रामाणिकता समझे बिना निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने यह आग्रह स्वीकार कर लिया।
आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का प्रकरण दर्ज
विदिशा जिले में शशांक भार्गव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण का प्रकरण दर्ज है।
मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर गोविन्द सिंह गुर्जर ने की आत्महत्या
आरोप है कि आर्थिक लेन-देन और कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर गोविन्द सिंह गुर्जर ने आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने जांच में वायरल वीडियो, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और परिजनों के बयानों को अहम साक्ष्य बताया है।
हाई कोर्ट जमानत पर अपना अगला कदम तय करेगा
इन्हीं आधारों पर पूर्व विधायक को आरोपी बनाया गया। अब सबकी निगाहें उस वीडियो पर टिक गई हैं, जिसे देखने के बाद हाई कोर्ट जमानत पर अपना अगला कदम तय करेगा।
यह भी पढ़ें- नर्स से एकतरफा प्यार करता था, शादी करना चाहता था, फिर ऐसा क्या हुआ जो कट्टे से तीन फायर कर डाले
