भिलाई के स्मृति नगर निवासी विशेष टिपले से OLX पर पुराने स्पोर्ट्स उपकरण बेचते समय 2.37 लाख रुपये की साइबर ठगी हो गई। फर्जी खरीदार ने मर्चेंट बैंकिंग व…और पढ़ें

HighLights
- OLX पर फिटनेस उपकरण बेचने के चक्कर में 2.37 लाख की ठगी।
- ठग ने पहले 5 रुपये भेजकर जीता यूजर का भरोसा।
- सुपेला पुलिस ने दर्ज की FIR, डिजिटल साक्ष्य खंगालना शुरू।
नईदुनिया प्रतिनिधि,भिलाई:स्मृति नगर निवासी एक निजी कंपनी कर्मचारी से आनलाइन प्लेटफार्म ओलेक्स पर पुराने स्पोर्ट्स एवं फिटनेस उपकरण बेचने के दौरान साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपित ने सामान खरीदने के बहाने पीड़ित को अपने झांसे में लिया और मर्चेंट बैंकिंग व रिफंड प्रक्रिया का हवाला देते हुए अलग-अलग ट्रांजेक्शन कराकर उसके दो बैंक खातों से कुल 2 लाख 37 हजार 222 रुपये की ठगी कर ली। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता विशेष टिपले ने बताया कि वह मूल रूप से स्मृति नगर, भिलाई का निवासी है और वर्तमान में नवी मुंबई स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है। वह खारघर में किराये से रह रहा है। उसने 28 जुलाई 2026 को ओलेक्स पर अपने पुराने स्पोर्ट्स एवं फिटनेस उपकरण बेचने के लिए विज्ञापन पोस्ट किया था। इसके बाद खुद को अशोक कुमार शर्मा बताने वाले व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और सामान खरीदने की इच्छा जताई।
आरोपित ने भुगतान मर्चेंट बैंकिंग के माध्यम से करने की बात कही। विश्वास दिलाने के लिए उसने पहले पांच रुपये का एक ट्रांजेक्शन कराया। इसके बाद आरोपित ने क्यू कोड और यूपीआई प्रक्रिया के माध्यम से रिफंड तथा दोगुनी राशि वापस मिलने का झांसा दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपित ने छोटी-छोटी रकम खाते में वापस भेजकर उसका विश्वास जीत लिया।
बाद में उसने यह कहकर लगातार नए ट्रांजेक्शन करवाए कि दोनों पक्षों की राशि ब्लाक हो गई है और उसे रिलीज करने के लिए अतिरिक्त भुगतान करना होगा। आरोपित के झूठे आश्वासनों पर विश्वास कर पीड़ित ने कई बार यूपीआई और अन्य माध्यमों से भुगतान कर दिया। इस दौरान शिकायतकर्ता के केनरा बैंक खाते से 99 हजार 111 रुपये तथा आरबीएल बैंक खाते से 1 लाख 38 हजार 111 रुपये, इस प्रकार कुल 2 लाख 37 हजार 222 रुपये की राशि निकल गई।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने 29 जुलाई को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अवलोकन पर सुपेला पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपित के मोबाइल नंबर, बैंक खातों, यूपीई आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर रकम को ट्रेस करने और संबंधित खातों को होल्ड या फ्रीज कराने की कार्रवाई कर रही है।
