इंदौर ग्रामीण के बेटमा थाना क्षेत्र में किसान के अपहरण और 20 लाख रुपये फिरौती मांगने का मामला सामने आया। …और पढ़ें

HighLights
- किसान खेत में नशे की हालत में मिला
- पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू कर दी
- घटना को पुलिस ने बताया संदिग्ध
नईदुनिया प्रतिनिधि, बेटमा। इंदौर ग्रामीण के बेटमा थाना क्षेत्र में किसान के अपहरण और 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आने से सोमवार देर रात क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस की रातभर चली तलाश के बाद मंगलवार सुबह किसान सुरक्षित मिल गया।
किसान गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर एक खेत में शराब के नशे में बेसुध अवस्था में मिला। प्रारंभिक जांच में उसके शरीर पर किसी प्रकार के चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
घर से निकले किसान का नहीं मिला सुराग
ग्राम पंथ बड़ोलिया निवासी किसान हुकुम सिंह रविवार रात करीब 8:30 बजे घर से निकले थे। देर रात तक जब वह वापस नहीं लौटे तो परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की। परिजन किसान को ढूंढ ही रहे थे कि कुछ समय बाद उनके मोबाइल फोन से ही एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने हुकुम सिंह के अपहरण का दावा किया और परिवार से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
धमकी के साथ भेजी गई फोटो
कॉल करने वाले ने परिवार को डराने के लिए हुकुम सिंह के गले पर चाकू रखे हुए एक फोटो भी भेजी। साथ ही रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद परिवार ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस ने रातभर चलाया सर्च अभियान
सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्णा राज, देपालपुर एसडीओपी और बेटमा थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पंथ बड़ोलिया और आसपास के इलाकों में तलाश अभियान शुरू किया। किसान को खोजने में ग्रामीणों ने भी पुलिस का सहयोग किया और पूरी रात तलाश जारी रही।
सुबह खेत में मिला किसान
लगातार खोजबीन के बाद मंगलवार सुबह करीब 5 बजे हुकुम सिंह गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर एक खेत में मिले। पुलिस के अनुसार उस समय किसान शराब के नशे में बेसुध अवस्था में थे। जांच के दौरान उनके शरीर पर किसी प्रकार की चोट या संघर्ष के निशान नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचाया।
पुलिस ने बताया मामला संदिग्ध
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कृष्णा राज ने बताया कि पुलिस की पहली प्राथमिकता किसान को सुरक्षित वापस लाना थी, जिसमें सफलता मिली है। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में घटनाक्रम संदिग्ध नजर आ रहा है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करने की कोशिश कर रही है।
