सुरेन्द्र दुबे, जबलपुर। नर्मदा के बरगी बांध क्रूज हादसा में 30 अप्रैल को हुए हृदयविदारक क्रूज हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, लेकिन लगभग दो माह बाद भी कई ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब अब तक सामने नहीं आए हैं। न्यायिक जांच आयोग के समक्ष दायर एक आवेदन ने बरगी पुलिस, प्रशासनिक तंत्र और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि 14 लोगों की जान जाने के बावजूद बरगी थाने में अब तक कथित लापरवाही का प्रकरण दर्ज क्यों नहीं किया गया?
हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी, अध्यक्ष एकल न्यायिक जांच आयोग के सामने सोमवार को पेश नए आवेदन में अधिकारियों और गवाहों के बयानों की प्रतियां, सीसीटीवी फुटेज, मर्ग रिपोर्ट, जब्ती दस्तावेज, प्रत्यक्ष पीड़ितों के बयान और हादसे के बाद क्रूज को तोड़े जाने से जुड़े तथ्यों को रिकार्ड पर लाने की मांग की गई है। आवेदनकर्ता का कहना है कि यदि संबंधित दस्तावेज और बयान उपलब्ध नहीं कराए जाते तो जांच की निष्पक्षता और सत्यता पर स्वाभाविक रूप से प्रश्न उठेंगे।
आयोग के सामने खड़े हुए ये बड़े सवाल
- क्या बरगी क्रूज हादसे की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाएगी?
- क्या अधिकारियों और गवाहों के बयानों तथा दस्तावेजों की प्रतियां पिटीशनर को उपलब्ध कराई जाएंगी।
- यदि प्रतियां नहीं दी जातीं तो आयोग के समक्ष तथ्यों की प्रभावी पड़ताल कैसे होगी?
- क्या जांच की प्रक्रिया को एकतरफा होने के आरोपों से बचाया जा सकेगा?
- हादसे के प्रत्यक्ष पीड़ित और जीवित बचे यात्री आयोग के समक्ष अब तक क्यों नहीं आए?
- 30 अप्रैल के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित हैं या नहीं, और क्या उन्हें आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
- बरगी पुलिस की मर्ग जांच में अब तक क्या तथ्य सामने आए हैं?
- बरगी थाने ने घटना के बाद कौन-कौन सी जब्ती बनाई?
- 14 मौतों के बावजूद नेग्लिजेंस का मामला अब तक दर्ज क्यों नहीं हुआ?
- क्या कलेक्टर और क्रूज संचालन की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होगी?
क्रूज और इंजन तोड़े जाने का मामला भी जांच के घेरे में
आवेदन में आयोग का ध्यान उन समाचार रिपोर्टों की ओर भी आकर्षित किया गया है, जिनमें हादसे में शामिल क्रूज और उसके इंजन को तोड़े जाने की जानकारी प्रकाशित हुई थी। आवेदनकर्ता ने मांग की है कि इस सूचना के स्रोत अधिकारियों अथवा संबंधित व्यक्तियों को आयोग के समक्ष बुलाकर उनके बयान दर्ज किए जाएं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे से जुड़े संभावित साक्ष्यों के साथ क्या हुआ।
इन बिंदुओं पर भी विचार
- अधिकारियों और गवाहों के बयानों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग
- प्रत्यक्ष पीड़ितों और बचे यात्रियों को आयोग के समक्ष बुलाने की मांग
- मर्ग रिपोर्ट और जांच रिकॉर्ड तलब करने की मांग
- सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और प्रस्तुत करने की मांग
- क्रूज और इंजन को तोड़े जाने की जांच की मांग
- जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय करने की मांग
फैक्ट फाइल :
घटना : बरगी डेम क्रूज हादसा
तारीख : 30 अप्रैल 2026
मृतक : 14
जांच : न्यायिक जांच आयोग
आवेदनकर्ता : अखिलेश त्रिपाठी
मुख्य मांगें :
बयानों और दस्तावेजों की प्रतियां
विक्टिम्स के बयान रिकार्ड पर लाना
सीसीटीवी फुटेज प्रस्तुत करना
मर्ग रिपोर्ट और जब्ती दस्तावेज पेश करना
क्रूज तोड़े जाने की जांच
जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करना।
बरगी हादसे की जांच अब केवल दुर्घटना के कारणों की पड़ताल तक सीमित नहीं रह गई है। सवाल इस बात का भी है कि क्या सभी साक्ष्य सुरक्षित हैं, क्या जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय होगी और क्या पीड़ित परिवारों को पूरे सच से अवगत कराया जाएगा। अब निगाहें न्यायिक आयोग की आगामी कार्यवाही पर हैं, जहां इन सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश होगी।
– पंकज दुबे, आवेदक के अधिवक्ता
