मध्य प्रदेश में प्रशिक्षण अधिकारी पद की भर्ती में सीआईटीएस को अनिवार्य योग्यता नहीं बनाया गया है। ऐसे में सीआईटीएस प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की विशेषज्ञत…और पढ़ें

HighLights
- प्रशिक्षण महानिदेशालय और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस
- अनिवार्य करने के संबंध में सभी राज्यों को पत्र भेजा था
- मध्य प्रदेश में अलग व्यवस्था अपनाए जाने पर सवाल उठाया
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर।आइटीआइ प्रशिक्षण अधिकारी भर्ती में सीआइटीएस यानि क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग स्कीम की अनिवार्यता को लेकर विवाद हाई कोर्ट पहुंच गया है। छतरपुर निवासी रामपाल रैकवार सहित अन्य की याचिका पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने प्रशिक्षण महानिदेशालय और कर्मचारी चयन मंडल को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
सीआईटीएस को अनिवार्य योग्यता नहीं
याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि केंद्र सरकार ने आईटीआई में प्रशिक्षण अधिकारी के पद पर सीआईटीएस योग्यता अनिवार्य करने के संबंध में सभी राज्यों को पत्र भेजा था। इसके बावजूद मध्य प्रदेश में प्रशिक्षण अधिकारी पद की भर्ती में सीआईटीएस को अनिवार्य योग्यता नहीं बनाया गया है।
व्यवस्था अपनाए जाने पर सवाल
याचिका में कहा गया कि बिहार, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड सहित कई राज्यों में प्रशिक्षण अधिकारी के पद के लिए सीआईटीएस की योग्यता अनिवार्य की जा चुकी है। ऐसे में मध्य प्रदेश में अलग व्यवस्था अपनाए जाने पर सवाल उठाया गया है।
प्रशिक्षण अधिकारियों का काम तकनीकी प्रशिक्षण से सीधे जुड़ा
अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि प्रशिक्षण अधिकारियों का काम तकनीकी प्रशिक्षण से सीधे जुड़ा है। ऐसे में सीआईटीएस प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की विशेषज्ञता को भर्ती में महत्व दिया जाना चाहिए। सीआईटीएस को अनिवार्य नहीं किए जाने से प्रशिक्षित अभ्यर्थियों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
