नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। ईद मिलादुन्नबी के के जुलूस में मुस्लिम लड़कियों द्वारा अखाड़े में तलवारबाजी के प्रदर्शन पर बवाल हो गया है। शहर मुफ्ती ने इसे नाच कहते हुए गैर इस्लामिक बता दिया। इसके विरोध में मुस्लिम समाज के लोग थाने पहुंच गए।
एक धड़ा महिला आयोग तक शिकायत लेकर जा पहुंचा। ये लोग ऐसे बयान को महिला विरोधी बताते हुए शहर मुफ्ती पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
दरअसल 26 अगस्त को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस में अखाड़ों के प्रदर्शन के दौरान लड़कियों के एक समूह ने बुर्के में तलवारबाजी के हुनर का प्रदर्शन कर किया था। समाज के कई नेताओं ने इसकी तारीफ की थी। इस बीच मुफ्ती-ए-शहर मौलाना अबुल कलाम ने इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो बयान साझा कर इस प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए।
उन्होंने कहा कि यह गैर ईस्लामी तरीका है। ये लड़कियां नाचते हुए दिखाई दे रही हैं। यह कार्यक्रम ईद मिलादुन्नबी के मौके पर भोपाल में हुआ इससे पैगंबर खुश नही होंगे बल्कि नाराज होंगे और इससे पूरे भोपाल पर अजाब आ जाएगा।
मौलाना पर एफआईआर की मांग
मुफ्ती के इस बयान के बाद समाज में बवाल मचा हुआ है। समाजसेवी ओसाफ अली ने मंगलवारा थाने में लिखित शिकायत देकर मौलाना अबुल कलाम कासमी के विरुद्ध एफआईआर की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि मुस्लिम युवतियों के अखाड़ा एवं आत्मरक्षा प्रदर्शन को नाच कहने से समाज की भावना आहत हुई है। शिकायतकर्ता ने मामले में कानूनी कार्रवाई के साथ आय से अधिक संपत्ति की जांच की मांग भी की है।
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष शाहिन खान ने राज्य मानव अधिकार आयोग में शिकायत कर मुफ्ती पर कार्रवाई की मांग की है।
कमेटी ने कहा कि धार्मिक आयोजनों में शामिल महिलाओं एवं बच्चियों के सम्मान और गरिमा के विरुद्ध सार्वजनिक टिप्पणी गंभीर विषय है। इसकी जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
समाज सेवी शमशुल हसन बल्ली ने कहा कि वे शुक्रवार को मुफ्ती साहब की आय की जांच के लिए लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराने जाएंगे।
भड़का हुआ है मुस्लिम समाज
समाजसेवी इरशाद अली खान ने कहा कि मुफ्ती शायद पर्दे में रहकर भोपाल की हुकूमत चलाने वालीं बेगमों को भूल गए हैं। इस रियासत की बेगमों ने पर्दे की परंपरा के बीच रहकर भी शासन और समाज सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस प्रदर्शन का मकसद यह संदेश देना था कि पर्दा या परंपरा किसी महिला की प्रतिभा और हौसले की राह में बाधा नहीं बन सकते।
ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अहमद शाहमीरी खुर्रम ने कहा कि लड़कियों ने पूरे लिबास और मर्यादा के साथ शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों को तलवारबाजी, तीरंदाजी और अन्य पारंपरिक हुनर सिखाने और प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर दिया जाना चाहिए।
