साइबर टीम ट्रांजेक्शन की कड़ी, मोबाइल नंबर, लिंक और संबंधित बैंक खातों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी में अनजान कॉल, लिंक और बैंकिंग…और पढ़ें

HighLights
- साइबर ठगों का फंदा, चार लोगों से पौने पांच लाख से अधिक ठगे
- शहर के अलग-अलग चार थाना क्षेत्रों में एफआइआर दर्ज
- अलग-अलग तरीके से झांसे में लेकर खाते से रकम उड़ाई
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। साइबर ठगों ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चार लोगों को अलग-अलग तरीके से झांसे में लेकर करीब पौने पांच लाख रुपये से अधिक की रकम ठग ली। घमापुर में दुकान संचालक के खाते से 3.72 लाख रुपये से अधिक की रकम नौ ट्रांजेक्शन में दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
वहीं गढ़ा में सीनियर सिटीजन कार्ड पर डिस्काउंट का झांसा देकर 60 हजार, रांझी में सैलरी क्रेडिट होने के मैसेज के बाद 38 हजार और हनुमानताल में फोन हैक होने के बाद ओटीपी के जरिए 52 हजार 300 रुपये की राशि पार कर दी गई। चारों मामलों में पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राॅन्ग नंबर से कॉल, कुछ देर बाद खाते से 3.72 लाख पार
घमापुर पुलिस के अनुसार द्वारका नगर निवासी टेकचंद गौतम (64) दुकान संचालक हैं। उनके मोबाइल पर एक काल आया। उन्होंने रॉन्ग नंबर बताकर फोन काट दिया। कुछ देर बाद उनके मोबाइल पर खाते से रकम ट्रांसफर होने के मैसेज आने लगे। जांच करने पर पता चला कि नौ ट्रांजेक्शन के जरिए 3 लाख 72 हजार 682 रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिए गए हैं। टेकचंद ने तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
लिंक पर क्लिक करते ही 60 हजार डेबिट
गढ़ा पुलिस के अनुसार शारदा चौक गढ़ा निवासी विजय कुमार तिवारी (77) एलआइसी के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। वे फेसबुक देख रहे थे, तभी बैंक आफ इंडिया के नाम से सीनियर सिटीजन कार्ड पर अलग-अलग डिस्काउंट का विज्ञापन दिखाई दिया। तिवारी ने कार्ड के लिए आवेदन किया। कुछ देर बाद वाट्सएप काल आया। कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया और डेबिट कार्ड की जानकारी ली। इसके बाद वाट्सएप पर एक लिंक भेजी गई। तिवारी ने जैसे ही लिंक पर क्लिक किया, उनके खाते से 60 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो गए।
सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आया, खाते से 38 हजार निकले
रांझी पुलिस के अनुसार वीएफजे स्टेट निवासी देवाशीष बेहरा (40) वीएफजे में कार्यरत हैं और उनका खाता पीएनबी की वीएफजे शाखा में है। उनका मोबाइल अचानक अपडेट होने लगा। शाम को मोबाइल पर सैलरी क्रेडिट होने का मैसेज आया। इसके बाद उन्होंने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि खाते से 38 हजार पांच रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर किए जा चुके हैं।
फोन हैक हुआ, ओटीपी आते रहे और खाते से 52 हजार पार
हनुमानताल पुलिस के अनुसार कुंजड़हाई मस्जिद निवासी शादाब नजर (29) सब्जी का कारोबार करते हैं। कुछ दिन पहले उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद लगातार मोबाइल पर ओटीपी आने लगे। उन्होंने इसे नजरअंदाज कर दिया।
खाते का बैलेंस चेक किया तो पता चला कि 52 हजार 300 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर हो चुके हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस चारों मामलों में रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटा रही है।
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