जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य आवंटित किया गया है तथा नियम…और पढ़ें

HighLights
- भूमि का कब्जा और हस्तांतरण स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त नहीं हो सका है।
- कलेक्टर शिवम वर्मा ने भूमि से कब्जा हटवाकर विभाग देने की बात कहीं।
- यह भी कहा कि उक्त भूमि का उपयोग नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।
नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। खजराना में प्रस्तावित 100 बिस्तरीय सिविल अस्पताल को लेकर सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा बैठक ली गई। जिसमें बताया कि अस्पताल निर्माण में विलंब का प्रमुख कारण स्वास्थ्य विभाग को आवंटित भूमि का वास्तविक हस्तांतरण नहीं हो पाना है।
अस्पताल के लिए नियुक्त मानव संसाधन का उपयोग वर्तमान में जनहित में शहर की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में किया जा रहा है तथा अस्पताल के नाम पर अब तक किसी प्रकार की दवा अथवा उपकरणों की खरीदी नहीं की गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार ग्राम खजराना स्थित सर्वे क्रमांक 435/1/1 पैकी, रकबा 0.700 हेक्टेयर भूमि सिविल अस्पताल निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग को आवंटित की गई थी।
लेकिन भूमि का कब्जा और हस्तांतरण स्वास्थ्य विभाग को अब तक प्राप्त नहीं हो सका है। उक्त भूमि का उपयोग नगर निगम द्वारा किया जा रहा है।
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने भूमि से कब्जा हटवाकर उसे विभाग देने की बात कहीं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन कर्मचारियों को आवश्यकता के अनुसार विभिन्न अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में कार्य आवंटित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें वेतन का भुगतान किया जा रहा है।
