शिक्षिकाओं का कहना है कि कई दिनों से सामने आ रही इस तकनीकी समस्या की जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इसका स्था…और पढ़ें

HighLights
- ई-उपस्थिति एप में स्कूल की जगह दूसरे गांव की लोकेशन
- शिकायतों के बाद भी समस्या जस की तस
- वेतन अथवा मानदेय में कटौती नहीं करने की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। ई-उपस्थिति एप के जरिए ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज करने की व्यवस्था शिक्षकों के लिए लगातार परेशानी का कारण बन रही है। पाटन विकासखंड के ग्राम खमोद स्थित शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला की करीब आधा दर्जन महिला शिक्षिकाएं स्कूल की गलत लोकेशन दर्ज होने के कारण करीब 5 किलोमीटर दूर जाकर उपस्थिति दर्ज करने को मजबूर हैं।
अतिरिक्त समय और आने-जाने का खर्च भी
शिक्षिकाओं के अनुसार विद्यालय की वास्तविक लोकेशन ग्राम खमोद में है, जबकि ई-उपस्थिति एप पर स्कूल की लोकेशन रोझा गांव में प्रदर्शित हो रही है। ऐसे में स्कूल पहुंचने से पहले ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने और छुट्टी के बाद लाॅग आउट करने के लिए उन्हें करीब 5 किलोमीटर दूर रोझा जाना पड़ता है। इससे अतिरिक्त समय और आने-जाने का खर्च भी उठाना पड़ रहा है।
ई-उपस्थिति अपडेट नहीं हो पा रही है
शिक्षिका अंजलीना एक्का, सहायक शिक्षिका रानी ठाकुर, अतिथि शिक्षक वंदना मेहरा, अनामिका दुबे और आशु साहू के अनुसार विद्यालय में नेटवर्क और लोकेशन से जुड़ी तकनीकी समस्या के कारण निर्धारित स्थान से ई-उपस्थिति अपडेट नहीं हो पा रही है।
शिक्षकों के मोबाइल पर अनुपस्थित होने के संदेश पहुंचे
5 सितंबर को भी तकनीकी समस्या के चलते अटेंडेंस दर्ज करने के बाद शिक्षकों के मोबाइल पर अनुपस्थित होने के संदेश पहुंचे, जिससे उनमें असमंजस की स्थिति बनी। शिक्षकों ने विकासखंड स्त्रोत समन्वयक और विकासखंड शिक्षा अधिकारी पाटन को आवेदन देकर विद्यालय की वास्तविक लोकेशन एप पर अपडेट करने की मांग की है।
वेतन अथवा मानदेय में कटौती नहीं करने की मांग
समस्या का निराकरण होने तक आनलाइन उपस्थिति के आधार पर किसी शिक्षक के वेतन अथवा मानदेय में कटौती नहीं करने की मांग की गई है।
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