नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए अनारक्षित (जनरल) टिकट की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा शुरू की है, लेकिन अब कुछ यात्री इसका गलत फायदा उठाने लगे हैं।
स्क्रीनशाॅट मोबाइल पर मंगाकर दिखाने का प्रयास करते
जब टिकट परीक्षक (टीटीई) कोच में पहुंचते हैं तो कई यात्री तुरंत मोबाइल ऐप से टिकट बना लेते हैं, जबकि कुछ लोग परिचितों से टिकट का स्क्रीनशाॅट मोबाइल पर मंगाकर दिखाने का प्रयास करते हैं।
स्क्रीनशाॅट दिखाने पर संबंधित यात्री पर कार्रवाई
अन्य आइडी से तैयार ऑनलाइन टिकट के स्क्रीनशाॅट दिखाने पर संबंधित यात्री पर कार्रवाई के लिए निर्देशित किया गया है।
बचने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रहे
नागपुर-शहडोल एक्सप्रेस से मुख्य स्टेशन पहुंचे एक युवक ने प्लेटफार्म पर टीटीई दल को जांच करते देखकर तुरंत रेल एप पर एक जनरल टिकट जनरेट किया। उसका टिकिट ग्वारीघाट से जबलपुर का था। संबंधित ट्रेन का ग्वारीघाट में ठहराव नहीं है।
दोनों ट्रेन के एक स्लीपर कोच में सवार थी
दो महिला यात्री सोमनाथ एक्सप्रेस से कटनी जाने के लिए ट्रेन में सवार हुई। दोनों ट्रेन के एक स्लीपर कोच में सवार थी। तभी टिकिट परीक्षक पहुंचे तो उन्होंने टिकिट दूसरे कोच में सवार उनके स्वजन के पास होना बताया। हड़बड़ी में उनके ट्रेन में न चढ़ पाने की जानकारी दी।
स्वजन ने ऑनलाइन टिकट लिया था
तभी कुछ देर बाद एक महिला ने मोबाइल पर ऑनलाइन जनरल टिकट का स्क्रीनशाॅट दिखाया। बताया कि ट्रेन में चढ़ने से छूट गए उनके स्वजन ने ऑनलाइन टिकट लिया था।
टिकट को आमन्य मानते हुए अर्थदंड वसूला
जांच करने पर ऑनलाइन टिकट जनरेट होने का समय शाम चार बजे निकला, जबकि ट्रेन जबलपुर से सवा तीन बजे रवाना होती है। दोनों मामले में यात्रियों की टिकट को आमन्य मानते हुए अर्थदंड वसूला गया।
टिकिट उसी मोबाइल में दिखाना होगा
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन जनरल टिकट की बढ़ती सुविधा के साथ उसके दुरुपयोग की शिकायतें भी बढ़ी हैं। इसी वजह से टिकट जांच के दौरान स्क्रीनशाॅट स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
जनरल टिकट उसी मोबाइल में दिखाना अनिवार्य होगा
यात्री को ऑनलाइन जनरल टिकट उसी मोबाइल में दिखाना अनिवार्य होगा, जिसमें ऐप पंजीकृत है। यात्री, यात्रा शुरू होने से पहले ही वैध टिकट बनाएं और उसी पंजीकृत मोबाइल में सुरक्षित रखें। डिजिटल टिकट के नियमों का पालन कर यात्री अनावश्यक जुर्माने और परेशानी से बच सकते हैं।
गत माह से अवैध टिकिट पर दोगुना हुआ जुर्माना
बिना टिकिट एवं अनियमित टिकिट पर यात्रा करने पर अब यात्रियों को अधिक आर्थिक जुर्माना देना पड़ रहा है। रेलवे ने गत माह से अनियमित टिकिट पर यात्रा करने वाले यात्रियों पर न्यूनतम जुर्माना राशि दोगुनी कर पांच सौ रुपये कर दी है।
यात्रा में टिकट बनाते हैं या दूसरे के टिकट का उपयोग करते हैं
ऑनलाइन जनरल टिकट बनाकर रेलवे को राजस्व का नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने वाले यात्रियों को पकड़ने के लिए कवायद बढ़ा दी गई है। टिकिट परीक्षक टीम ऐसे यात्रियों की पहचान करेगी जो यात्रा शुरू होने के बाद टिकट बनाते हैं या दूसरे के टिकट का उपयोग करते हैं।
रेलवे नियम के अनुसार…
- यात्रा प्रारंभ करने से पहले ही वैध टिकट लेकर यात्रा करें।
- रेलवन ऐप से अनारक्षित टिकट बना रहे हैं, तो उसी मोबाइलसे बनाएं जिसमें ऐप पंजीकृत है ।
- टिकट का केवल स्क्रीनशाॅट, सोशल मीडिया के किसी अन्य माध्यम से प्राप्त प्रति वैध नहीं है।
- यात्रा के दौरान वही मोबाइल अपने साथ रखें, जिसमें ई-टिकट उपलब्ध है ।
- डिजिटल टिकट दिखाने के लिए मोबाइल को पर्याप्त रूप से चार्ज रखना भी यात्री की जिम्मेदारी है ।
- रजिस्टर्ड मोबाइल से बुक किए गए टिकट स्वयं मोबाइल धारक के लिए ही मान्य।
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