नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। डिप्रेशन के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम वर्षा का दौर शुरू हो गया है। डिप्रेशन झारखंड और बिहार होते हुए बुधवार तक छत्तीसगढ़ पहुंचेगा, जहां कमजोर होकर यह वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदलेगा। इसके असर से पूर्वी मप्र में 21 और 22 अगस्त को कई इलाकों में भारी से अति भारी वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग ने नरसिंहपुर, पन्ना और टीकमगढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और शेष प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। वर्तमान में मानसून ट्रफ फिरोजपुर और देहरादून से डिप्रेशन क्षेत्र तक फैली है, जबकि उत्तरी हरियाणा व पूर्वी यूपी के ऊपर चक्रवाती हवाओं का घेरा बना हुआ है।
सूखे की मार झेल रहे 13 जिलों को वर्षा की दरकार
मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक सामान्य 651.4 मिलीमीटर के मुकाबले 573.1 मिलीमीटर ही वर्षा दर्ज हुई है, जो सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 9 प्रतिशत की कमी है।
राज्य के कई जिलों में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सबसे खराब स्थिति मैहर की है, जहां सामान्य से 58 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसके अलावा अलीराजपुर 47 प्रतिशत, रीवा 46 प्रतिशत, मुरैना 38 प्रतिशत, नर्मदापुरम 34 प्रतिशत, पांढुर्ना 33 प्रतिशत, टीकमगढ़ 31 प्रतिशत, सागर 29 प्रतिशत, धार 29 प्रतिशत और जबलपुर 28 प्रतिशत कम वर्षा हुई है।
बुरहानपुर, राजगढ़ और भोपाल में सामान्य से अधिक वर्षा
दूसरी तरफ कुछ जिलों में मानसूनी बादल जमकर बरसे हैं। बुरहानपुर में सामान्य से 39 प्रतिशत, खरगोन में 26 प्रतिशत, राजगढ़ में 24 प्रतिशत, भोपाल व भिंड में 18-18 प्रतिशत और गुना में 14 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
मंगलवार को सीधी में 40 मिलीमीटर वर्षा
डिप्रेशन के असर से मंगलवार को सीधी में सर्वाधिक 40 मिलीमीटर पानी गिरा। इसके अलावा शिवपुरी में 15 मिलीमीटर, रीवा में 7 मिलीमीटर, सतना व नर्मदापुरम जिले के पचमढ़ी में 2-2 मिलीमीटर और बालाघाट जिले के मलाजखंड में 0.3 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान
शहर — अधिकतम — न्यूनतम
भोपाल — 26.8 — 23.1
इंदौर — 28.9 — 22.2
ग्वालियर — 33.7 — 26.7
जबलपुर — 28.4 — 24.0
नोट — तापमान डिग्री सेल्सियस में
