विधार्थियों को मेडिकल और फिर वेटरनरी, दोनों काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिलता है, लेकिन जो विद्याथी, वेटरनरी की ही तैयारी करते हैं, उन्हें वेटरनरी …और पढ़ें

HighLights
- वेटरनरी विवि की कांउसिंलग कमेटी ने भेजा डायरेक्टर आफ मेडिकल एजुकेशन का पत्र
- जबलपुर, रीवा और महू वेटरनरी कालेज की 300 से ज्यादा सीटों की काउंसिलिंग की तैयारी
- काउंसलिंग प्रक्रिया लंबी खिंचने के कारण प्रवेश में देरी हुई थी, शैक्षणिक सत्र पर पड़ा था असर
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। नी ट-यूजी का परिणाम जारी होने के साथ ही वेटरनरी विश्वविद्यालय ने स्नातक प्रवेश प्रक्रिया को समय पर पूरा कराने की कवायद तेज कर दी है। पिछले सत्र में काउंसलिंग प्रक्रिया लंबी खिंचने के कारण प्रवेश में देरी हुई थी, जिसका असर शैक्षणिक सत्र पर भी पड़ा था। इस बार विश्वविद्यालय किसी भी स्थिति में ऐसी नौबत नहीं आने देना चाहता।
जल्द से जल्द काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने की बात कही
यही वजह है कि मेडिकल कालेजों में यूजी की पहली काउंसलिंग पूरी होते ही वेटरनरी यूजी की काउंसलिंग शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। विश्वविद्यालय की काउंसलिंग कमेटी ने डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजुकेशन विभाग को पत्र लिखकर जल्द से जल्द काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। इस बार मेडिकल की यूजी सीटों की पहली काउंसलिंग के बाद ही वेटरनरी विश्वविद्यालय अपने तीनों कालेज जबलपुर, रीवा और महू वेटरनरी कालेज की सीटों के लिए काउंसलिंग करेगा।
मेडिकल के साथ हो वेटरनरी की भी काउंसलिंग
पिछले सत्र में हुई देरी को देखते हुए इस बार काउंसलिंग से लेकर दस्तावेज सत्यापन और प्रवेश तक की प्रक्रिया को पहले से व्यवस्थित किया जा रहा है। दरअसल हर बार मेडिकल कालेज की काउंसलिंग के बाद ही वेटरनरी की यूजी सीटों के लिए कांउसलिंग होती है।
दोनों काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिलता
विद्यार्थियों और कई छात्र संघों ने विरोध भी जताया है। उनका कहना है कि मेडिकल कालेज में प्रवेश की तैयारी करने वाले विधार्थियों को मेडिकल और फिर वेटरनरी, दोनों काउंसलिंग में भाग लेने का अवसर मिलता है, लेकिन जो विद्याथी, वेटरनरी की ही तैयारी करते हैं, उन्हें वेटरनरी में भी बमुश्किल से प्रवेश मिलता है। अधिकांश विद्यार्थी मेडिकल में प्रवेश न मिलने के बाद वेटरनरी में प्रवेश लेते हैं। कई तो बीच में ही छोड़ देते हैं।
तीन सौ सीटों के लिए काउंसलिंग
वेटरनरी विश्वविद्यालय जबलपुर ने अपने स्तर पर भी प्रवेश की तैयारियां शुरू कर दी हैं। नीट परिणाम आने के बाद उसकी मैरिट लिस्ट मांगवाई है। इधर काउंसलिंग कमेटी के मुताबिक तीनों कालेजों में करीब 300 सीटों के लिए इस बार भी काउंसलिंग होगी। इस बार भी सीटों में कोई इजाफा नहीं किया है।
कॉलेजों में उपलब्ध सीटों का ब्यौरा तैयार करने में जुटी
अब कमेटी तीनों कॉलेजों में उपलब्ध सीटों का ब्यौरा तैयार करने में जुटी है। इसके साथ ही आरक्षण व्यवस्था, विभिन्न श्रेणियों में सीटों की स्थिति और प्रवेश से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी व्यवस्थित की जा रही है। दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को पहले से तैयार रखने की योजना है, ताकि काउंसलिंग शुरू होने के बाद विद्यार्थियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
इसकी होती है गड़बड़ी
- अधिकांश बच्चे मेडिकल में प्रवेश न मिलने के बाद वेटरनरी में प्रवेश लेते हैं और फिर छोड़ देते हैं।
- इस वजह से वेटरनरी को दो से तीन काउंसलिंग कर आखिरी सीएलसी भी करनी होती है।
- वेटरनरी में प्रवेश लेने वालों को सिर्फ एक ही अवसर मिलता है, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ी है।
- हर साल वेटरनरी काउंसलिंग की मेरिट लिस्ट बढ़ रही है, कम नंबर के बच्चों को प्रवेश नहीं मिल पाता।
वेटरनरी यूजी काउंसलिंग की तैयारी पूरी की जा रही है। कमेटी ने डायरेक्टर आफ मेडिकल एजुकेशन काे पत्र लिखकर जल्द से जल्द प्रक्रिया शुरू करने कहा है। इधर एमपी आनलाइन के अधिकारियों से भी चर्चा की है। हमारा प्रयास शैक्षणिक सत्र को जल्द शुरू करने का है।
प्रो. मनदीप शर्मा, कुलगुरू, वेटरनरी विवि
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