कमल गोड को यह सम्मान हस्तशिल्प से निर्मित महेश्वरी साड़ी की विशिष्ट बुनाई और पारंपरिक शिल्पकला के संरक्षण के लिए मिला। उन्होंने अपनी पुरस्कार विजेता क…और पढ़ें

HighLights
- महेश्वर के प्रख्यात बुनकर कमल गोड को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया
- समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित रहे
- यह सम्मान हस्तशिल्प से निर्मित महेश्वरी साड़ी की विशिष्ट बुनाई और पारंपरिक शिल्पकला के संरक्षण के लिए मिला
नईदुनिया न्यूज, महेश्वर (खरगोन) । राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित संत कबीर एवं राष्ट्रीय हथकरघा पुरस्कार समारोह में महेश्वर के प्रख्यात बुनकर कमल गोड को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। समारोह में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी उपस्थित रहे।
कमल गोड को यह सम्मान हस्तशिल्प से निर्मित महेश्वरी साड़ी की विशिष्ट बुनाई और पारंपरिक शिल्पकला के संरक्षण के लिए मिला। उन्होंने अपनी पुरस्कार विजेता कृति को महेश्वर की सांस्कृतिक विरासत और देवी अहिल्याबाई होलकर की प्रेरणा को समर्पित बताया। उनके अनुसार साड़ी का डिज़ाइन अहिल्या किले की स्थापत्य कला और नक्काशी से प्रेरित है, जो महेश्वर की ऐतिहासिक पहचान को धागों में साकार करता है।
कमल गोड ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि महेश्वर के समूचे बुनकर समाज और पीढ़ियों से इस कला को जीवित रखने वाले शिल्पकारों का सम्मान है। राष्ट्रपति के हाथों मिला यह राष्ट्रीय पुरस्कार महेश्वरी हथकरघा परंपरा को देशभर में नई पहचान दिलाने वाला गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति भवन के निमंत्रण पत्र के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह में आने वाले अतिथियों का स्वागत नगर में पारंपरिक रेशम व सूती धागों से हाथ से बुने महेश्वरी स्टॉल से किया जाएगा। इस स्टॉल में मप्र की महेश्वरी बुनाई के साथ महाराष्ट्र, गोवा व छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला के रूपांकनों का समावेश किया गया है, जो भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह इस क्षेत्र और यहां की कला के लिए गौरव का विषय है।
