नईदुनिया प्रतिनिधि, बालाघाट। बालाघाट के बहुचर्चित सरकारी चावल हेराफेरी कांड ने एथेनाल निर्माण के लिए प्रदेशभर के 22 एथेनाल प्लांट में एफसीआई द्वारा भेजे गए दो लाख मीट्रिक टन से ज्यादा चावल की सप्लाई पर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
महीनेभर पहले सरकारी चावल की अफरा-तफरी पकड़ी थी
बालाघाट पुलिस ने महीनेभर पहले छिंदवाड़ा के एथेनाल प्लांट के नाम पर बालाघाट से भेजे गए सरकारी चावल की अफरा-तफरी पकड़ी थी।
सरकारी चावल इन प्लांट तक पहुंचा ही नहीं
इसके बाद अब ये सवाल खड़े होने लगा है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 में अनुबंध के तहत प्रदेश के 17 जिलों के 22 एथेनाल प्लांट में भेजा गया 1100 करोड़ से अधिक कीमत का सरकारी चावल इन प्लांट तक पहुंचा है या नहीं।
यह प्रदेश स्तर का महाघोटाला साबित होगा
सवाल है कि बालाघाट से छिंदवाड़ा के बीच हुई चावल की हेराफेरी कहीं इन जिलों में भी न हुई हो। जानकारों का कहना है कि अगर चावल की आपूर्ति की सूक्ष्मता से जांच होती है, तो यह प्रदेश स्तर का महाघोटाला साबित होगा।
मिलर्स को बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं
सूत्रों के अनुसार, प्लांट संचालक चावल का उपयोग एथेनाल बनाने के बजाय मिलर्स को बेचकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं। इन जिलों में बालाघाट, छिंदवाड़ा के अलावा जबलपुर, मंडला, शहडोल, सतना, मुरैना, हरदा आदि शामिल हैं।
प्लांट पहुंचा या राइस मिल में खपा दिया गया
छिंदवाड़ा के तीन और बालाघाट के दो एथेनाल प्लांट में सरकारी चावल की सप्लाई की गई थी, लेकिन ये चावल प्लांट पहुंचा या राइस मिल में खपा दिया गया, ये जांच का विषय बन गया है।
बालाघाट के दो प्लांट में सप्लाई भी घेरे में
तीन जून को पुलिस ने वारासिवनी के संचेती राइस मिल में चावल से भरा वो ट्रक पकड़ा था, जो अनुबंध के तहत एफसीआई गोदाम से छिंदवाड़ा के एथेनाल प्लांट जाना था। चावल की इस चोरी ने इस मामले की कई परतें खोली हैं।
अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ
पुलिस ने अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की है। इनमें कई नामी राइस मिलर हैं, तो कई ट्रक मालिक, चालक, ट्रांसपोर्टर भी शामिल हैं। अनुबंध के तहत चावल की सप्लाई बालाघाट के वारासिवनी स्थित दो एथेनाल प्लांट में भी की गई है, जो अब सवालों के घेरे में आ गई है।
प्लांटों की आड़ में चावल खपाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई
पुलिस की तरफ से इन प्लांटों की आड़ में चावल खपाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गौरतलब है कि बहुचर्चित मामले में राइस मिलर पिता-पुत्र (सौरभ संचेती और गंभीर संचेती) अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।
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