नगर निगम प्रशासन ने शहर के बड़े से लेकर मझौले होटल-अस्पताल, नर्सिंग होम सहित मॉल, गोदामों, मैरिज गार्डनों और औद्योगिक इकाइयों से आठ जून की शाम छह बजे …और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली और फिर इंदौर में हुए भीषण अग्नि हादसे की आंच से झुलसी अधिकारियों की नींद
- नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अग्निशमन और भवन शाखा को कड़े निर्देश
- कमर्शियल हब्स की जांच कराएं। अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करें
नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर। बुधवार को दिल्ली और फिर इंदौर में हुए भीषण अग्नि हादसे की आंच से नगर निगम के अधिकारियों की नींद भी टूट गई है।
नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखी
निगममायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 के प्रासंगिक प्रावधानों, मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 तथा राष्ट्रीय भवन निर्माण मानक, 2026 के अग्नि एवं जीवन सुरक्षा प्रविधानों के आलोक में नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखी है।
रिपोर्ट जमा करने के सख्त निर्देश
निगममायुक्त ने अग्निशमन और भवन शाखा को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि शहर के सभी कमर्शियल हब्स की जांच कराएं। अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। 72 घंटे के भीतर विस्तृत फायर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट जमा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
केवल बिल्डिंग में अग्निशामक यंत्र रखना काफी नहीं
नगर निगम ने स्पष्ट रूप से कहा है कि केवल बिल्डिंग में अग्निशामक यंत्र रखना काफी नहीं होगा, बल्कि स्प्रिंकलर, फायर पंप, इमरजेंसी एग्जिट, और अलार्म सिस्टम जैसी हर एक व्यवस्था का चालू हालत में होना अनिवार्य है। समय रहते फायर सेफ्टी ऑडिट होने से किसी भी संभावित खतरे को पहले ही पहचान कर ठीक कर लिया जाएगा, जिससे भविष्य में होने वाले हादसों को टाला जा सकेगा।
350 इमारतें चिन्हित, नोटिस जारी
नगर निगम ने ऐसे भवनों की पहचान शुरू कर दी है, जहां अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। निगम प्रशासन ने शहर में लगभग 350 ऐसी इमारतों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें फायर सेफ्टी संबंधी नोटिस जारी कर आवश्यक जानकारी मांगी गई है।
ये भी जरूरी
- नियम के अनुसार फायर सेफ्टी का नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनअोसी) या तो उस इमारत को लेना है, जिसका निर्माण 5000 वर्ग फीट से ज्यादा का है या फिर उस इमारत को जिसकी ऊंचाई 15 मीटर से ज्यादा है, बाकी निर्माण कार्य फायर सेफ्टी एनओसी के दायरे में नहीं आते.
- अस्पतालों और होटलों जैसी जगहों पर मरीजों और आम जनता की सुरक्षा 100 प्रतिशत पुख्ता होगी।
- नए नियमों के तहत अब इन संस्थानों के स्टाफ को फायर ड्रिल और आपातकालीन स्थिति से निपटने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
- संस्थानों की सहूलियत के लिए निगम ने हार्ड कॉपी के साथ-साथ ईमेल अथवा वेबसाइट के जरिए पीडीएफ सबमिट करने का भी विकल्प दिया है
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