दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली समेत एनसीआर में सक्रिय एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो कैंसर व अन्य जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजो…और पढ़ें

HighLights
- दिल्ली क्राइम ब्रांच ने फर्जी कैंसर दवा सिंडिकेट को पकड़ा
- रूस से MBBS आरोपी डॉक्टर मनीष शर्मा दिल्ली-NCR से गिरफ्तार
- अमेरिका व तुर्की से तस्करी की गई लाखों की दवाएं बरामद
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली समेत एनसीआर में सक्रिय एक ऐसे सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो कैंसर व अन्य जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर उन्हें प्रतिबंधित दवा बेच रहा था। इस मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश भिंड के रहने वाले डॉ. मनीष शर्मा नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। वर्तमान में कई सालों से वह फरीदाबाद में रह रहा था। इसकी निशानदेही पर पुलिस ने लाखों रुपये मूल्य की नकली, मिलावटी और तस्करी कर लाई गई दवाएं जब्त की हैं।
डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मुताबिक जांच में सामने आया कि जब्त की गई दवाएं मुख्य रूप से जापान और अमेरिका की कंपनियों की थीं, जिन्हें तुर्की में बनाकर अवैध रास्तों से भारत में तस्करी कर लाया गया था। इनमें से कुछ दवाएं भारतीय औषधि महानियंत्रक द्वारा भारत में बिक्री के लिए स्वीकृत भी नहीं हैं। आरोपित असली दवाओं के नाम पर इन्हें ऊंचे दामों पर बेचकर मोटी कमाई कर रहा था।
ट्रैप लगाकर पकड़ा गया आरोपित, कार से बरामद हुईं लाखों की दवाएं
21 अगस्त को एएसआई राहुल कुमार और हवलदार हनुमान को सूचना मिली कि एक शख्स विदेश से अवैध तरीके से कैंसर की प्रतिबंधित दवाओं की तस्करी कर भारत में अवैध रूप से बेचने का धंधा कर रहा है। इसके बाद एसीपी भगवती प्रसाद व निरीक्षक पवन कुमार की टीम ने दक्षिण-पूर्वी जिला के सुखदेव विहार स्थित मदर डेयरी बूथ के पास होंडा सिटी कार से पहुंचे आरोपित डॉ. मनीष शर्मा को दबोच लिया।
पुलिस अधिकारी का कहना है कि उसने रूस से एमबीबीएस किया है, लेकिन भारत में वह मेडिकल लाइसेंस परीक्षा पास नहीं कर सका। जिस पर उसने पहले फरीदाबाद में एक अस्पताल खोल लिया। अस्पताल में घाटा होने पर उसने अवैध तरीके से कैंसर की प्रतिबंधित दवाओं का अवैध रूप से व्यापार शुरू कर दिया। उसने ‘एचके फार्मा’ नाम से फर्म बनाई और ‘इंडिया मार्ट’ के जरिए कैंसर की नकली और तस्करी की गई दवाओं की आपूर्ति शुरू कर दी।
अमेरिका और तुर्की से तस्करी कर लाई गई थीं प्रतिबंधित दवाएं
कार्रवाई के दौरान संबंधित दवा कंपनियों के अधिकृत अधिकारियों को भी साथ रखा गया। पुलिस ने कार से ‘इक्लुसिग पोनाटिनिब’ की चार पैकेट दवाएं बरामद कीं। अमेरिका में इसकी कीमत लगभग 17,000 डॉलर (करीब 17 लाख प्रति बॉक्स) है। यह दवा भारत में स्वीकृत नहीं है। ‘डार्जालेक्स’ की दो बॉक्स (तुर्की से तस्करी) बरामद की गई। अधिकृत कंपनी द्वारा इसकी कीमत 2,27,000 प्रति वायल है। ‘ह्यूमन एल्ब्यूमिन सॉल्यूशन’ चार वायल (तुर्की से तस्करी), इसकी कीमत 5,800 प्रति बॉक्स है।
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क्राइम ब्रांच ने इसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं और ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के रास्तों का पता लगा रही है।
