हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने अपने एक आदेश में स्पष्ट किया कि किसी आरोपित के विरुद्ध अनेक आपराधिक प्रकरण लंबित होना मात्र जमा…और पढ़ें

HighLights
- केवल पुराना आपराधिक इतिहास जमानत खारिज करने का आधार नहीं: हाई कोर्ट
- जबलपुर के बेलखेड़ा थाने के मामले में आरोपी राजा सिंह को मिली जमानत
- कोर्ट की सख्त शर्त- दोबारा अपराध करने पर स्वतः निरस्त होगी जमानत
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ ने अपने एक आदेश में स्पष्ट किया कि किसी आरोपित के विरुद्ध अनेक आपराधिक प्रकरण लंबित होना मात्र जमानत से इन्कार का आधार नहीं बन सकता। कोर्ट ने जबलपुर के बेलखेड़ा थाना के अपराध में आरोपित राजा सिंह को नियमित जमानत देते हुए कहा कि मामले के तथ्य और पीड़ित को लगी चोटों की प्रकृति भी समान रूप से महत्वपूर्ण हैं।
बचाव पक्ष की दलील: झूठा फंसाया गया, कई मामलों में पहले से जमानत पर
आवेदक की ओर से अधिवक्ता शांतनु तिवारी ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया गया है। अभियोजन द्वारा 14 आपराधिक मामलों का हवाला दिया गया, लेकिन उनमें कई मामलों में आरोपित पहले से जमानत पर है।
राज्य की ओर से उप शासकीय अधिवक्ता रविंद्र शुक्ला ने जमानत का विरोध करते हुए आरोपित के आपराधिक इतिहास का उल्लेख किया, हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पीड़ित को साधारण चोटें आई हैं।
कोर्ट की सख्त शर्त: दोबारा अपराध करने पर स्वतः निरस्त होगी जमानत
दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने आरोपित को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
अदालत ने महत्वपूर्ण शर्त जोड़ी कि यदि विचारण के दौरान आरोपित ने इसी प्रकृति का कोई अपराध दोहराया तो उसकी जमानत स्वतः समाप्त हो जाएगी और अभियोजन जमानत निरस्त कराने के लिए स्वतंत्र होगा।
