इंदौर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में तत्कालीन कार्यपालन यंत्री कैलाशचंद्र परवाल को 6 सितंबर 2002 को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों …और पढ़ें

HighLights
- 8 सितंबर 2002 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज हुआ था
- 8 सितंबर 2026 को कोर्ट ने इसी तारीख को उन्हें सजा सुनाई
- जांच के दौरान अधिकारी के पास मिली थी एक करोड़ से ऊपर की संपत्ति
डिजिटल डेस्क, इंदौर। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग में कार्यपालन यंत्री रहे कैलाशचंद्र परवाल को कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में 5 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उन पर 25 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
इस मामले में सबसे रोचक बात यह है कि परवाल के खिलाफ 24 साल पहले 8 सितंबर 2002 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज किया गया था। अब 8 सितंबर 2026 को कोर्ट ने इसी तारीख को उन्हें सजा सुनाई।
रिश्वत लेते हुए पकड़ा था
तत्कालीन कार्यपालन यंत्री कैलाशचंद्र परवाल को 6 सितंबर 2002 को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा गया था। इसके बाद लोकायुक्त की टीम ने इनकी संपत्ति की जांच की जिसमें सामने आया कि अधिकारी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है।
आय थी 34 लाख और संपत्ति एक करोड़ से ऊपर
जांच में यह भी सामने आया है कि परवाल ने अपनी नौकरी के दौरान 34.64 लाख रुपये की आय की थी। उनकी संपत्ति की जांच के दौरान पता चला कि उनके पास एक करोड़ रुपये से ऊपर की संपत्ति है। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला कोर्ट में चला और अब सजा सुनाई गई।
