कोर्ट ने यह निर्देश मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा एडीपीपीओ की भर्ती के लिए 10 मार्च, 2026 को जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली छह याचि …और पढ़ें

HighLights
- सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारियों की भर्ती का मामला
- इंदौर और ग्वालियर की पीठें अलग-अलग आदेश जारी कर रही
- सुनवाई हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में किए जाने की व्यवस्था दी
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने इंदौर और ग्वालियर की पीठों में लंबित सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (एडीपीपीओ) की भर्ती से संबंधित याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई हाई कोर्ट की मुख्य पीठ जबलपुर में किए जाने की व्यवस्था दी है।
लंबित संबंधित याचिकाओं को जबलपुर स्थानांतरित करने का निर्देश
कोर्ट ने इस सिलसिले में ने रजिस्ट्री को इंदौर और ग्वालियर की पीठों में लंबित संबंधित याचिकाओं को जबलपुर स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।
एडीपीपीओ की भर्ती के लिए 10 मार्च, 2026 को जारी विज्ञापन
कोर्ट ने यह निर्देश मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) द्वारा एडीपीपीओ की भर्ती के लिए 10 मार्च, 2026 को जारी विज्ञापन को चुनौती देने वाली छह याचिकाओं की सुनवाई के दौरान दिए। इन याचिकाओं पर अगली सुनवाई जून के अंतिम सप्ताह में होगी।
आदेशों में एकरूपता लाने के लिए जबलपुर में होगी
याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि इंदौर और ग्वालियर की पीठें अलग-अलग आदेश जारी कर रही हैं, इसलिए आदेशों में एकरूपता लाने के लिए इन मामलों की सुनवाई जबलपुर में लंबित याचिकाओं के साथ की जाए। याचिकाकर्ताओं ने उम्मीदवार के लिए निर्धारित 40 वर्ष की ऊपरी आयु सीमा की पात्रता को चुनौती दी है, जो एडीपीपीओ नियम 1991 के विरुद्ध है, जिसके अनुसार ऊपरी आयु सीमा 30 वर्ष है।
एमपीपीएससी को एडीपीपीओ भर्ती परीक्षा आयोजित करने का कोई अधिकार नहीं है
अधिवक्ता धर्मेंद्र सोनी ने बताया कि आयु सीमा की गणना एक जनवरी, 2027 से की जाएगी। परीक्षा अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाली है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी दावा किया कि एमपीपीएससी को एडीपीपीओ भर्ती परीक्षा आयोजित करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि एमपीपीएससी नियम, 2016 में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की सूची में एडीपीपीओ परीक्षा का नाम नहीं है।
