छात्रा द्वारा निर्देशों का पालन करते ही साइबर ठगों ने बैंक खाते तक पहुंच बना ली। कुछ ही देर में उसके पिता के खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 9 …और पढ़ें

HighLights
- एचओडी बनकर फोन किया
- स्कालरशिप और डिग्री दिलाने
- के नाम पर छात्रा से साइबर ठगी
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। साइबर ठगों ने कालेज के विभागाध्यक्ष (एचओडी) बनकर एक छात्रा को अपने जाल में फंसा लिया और स्कालरशिप व डिग्री दिलाने का झांसा देकर उसके पिता के बैंक खाते से 90 हजार रुपये उड़ा लिए। मामले की शिकायत मिलने के बाद कजलीखेड़ा थाना पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता करीना यादव निवासी ग्राम इमलिया, कजलीखेड़ा क्षेत्र की रहने वाली है। वह एक कालेज की छात्रा रही है और हाल ही में उसकी पढ़ाई पूरी हुई थी।
कुछ दिन पहले उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया, जिसने खुद को कालेज का एचओडी बताया। आरोपित ने छात्रा से कहा कि उसकी स्कालरशिप और डिग्री से संबंधित प्रक्रिया पूरी की जानी है। इसके लिए पहले उसे अपना मोबाइल नंबर जियो कंपनी में पोर्ट कराने की सलाह दी गई।
छात्रा ने उसकी बातों पर भरोसा कर सिम पोर्ट करा ली। इसके बाद ठग ने छात्रा से पूछा कि वह किस मोबाइल नंबर से यूपीआई सेवा का उपयोग करती है। जानकारी मिलने पर आरोपित ने उस नंबर पर एक लिंक भेजी और उसे निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के लिए लिंक पर क्लिक कर आवेदन करने को कहा।
छात्रा द्वारा निर्देशों का पालन करते ही साइबर ठगों ने बैंक खाते तक पहुंच बना ली। कुछ ही देर में उसके पिता के खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 90 हजार रुपये निकाल लिए गए। खाते से रकम कटने के मैसेज आने पर ठगी का पता चला। पीड़िता की शिकायत पर कजलीखेड़ा थाना पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
फोन अपडेट करते ही फार्मा कंपनी के अधिकारी के खाते से उड़े ढाई लाख रुपये
- साइबर ठगों ने एक फार्मा कंपनी के अधिकारी को निशाना बनाते हुए उनके बैंक खाते से करीब ढाई लाख रुपये निकाल लिए।
- मामले की शिकायत पर कजलीखेड़ा थाना पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार लक्ष्मी परिसर निवासी अंकित शिवहरे एक फार्मा कंपनी में कार्यरत हैं।
- उन्होंने पुलिस को बताया कि 25 मई को उन्होंने अपने मोबाइल फोन का साफ्टवेयर अपडेट किया था।
- इसके कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर बैंक खाते से राशि कटने संबंधी लगातार नोटिफिकेशन आने लगे। जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी जांची तो पता चला कि अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 2.44 लाख रुपये निकाले जा चुके हैं।
- खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल बैंक से संपर्क किया और बाद में कजलीखेड़ा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
- पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर बैंक ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
