सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे पर गुरुवार को सुनवाई होगी। प्रतिमा देवी की आपत्ति और समझौते की वैधता पर अदालत में ब…और पढ़ें

HighLights
- सिंधिया राजघराने की संपत्ति बंटवारे पर गुरुवार को सुनवाई होगी।
- प्रतिमा देवी ने वसीयत और दस्तावेज नहीं मिलने की आपत्ति जताई।
- उन्होंने नेपाल के गलत पते पर नोटिस भेजने आरोप लगाया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। सिंधिया राजघराने की करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति के बंटवारे से जुड़े मामले में गुरुवार को जिला कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। अदालत में प्रतिमा देवी की ओर से दर्ज आपत्ति और पूर्व में तैयार किए गए समझौते की वैधता पर बहस होनी है।
वसीयत और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी नहीं दी गई
पिछली सुनवाई में प्रतिमा देवी अपनी बेटी शिवांगी और दामाद के साथ कोर्ट पहुंची थीं और उन्होंने कहा था कि उन्हें न तो वसीयत की जानकारी दी गई और न ही जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। प्रतिमा देवी का कहना है कि उनकी मां पद्मावती राजे सिंधिया संपत्ति में हिस्सेदार थीं। ऐसे में उनके उत्तराधिकारियों के अधिकारों की अनदेखी कर समझौता नहीं किया जा सकता।
गलत पते पर नोटिस भेजने का आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें नेपाल के गलत पते पर नोटिस भेजे गए, जबकि वह करीब 20 वर्षों से काठमांडू में रह रही हैं। इसी आधार पर उन्होंने खुद को एकतरफा कार्रवाई से बाहर किए जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
अंतिम चरण में आपत्ति उठाने का औचित्य स्पष्ट नहीं
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे की ओर से पहले ही प्रतिमा देवी की आपत्ति का जवाब पेश किया जा चुका है। इन पक्षों की ओर से कहा गया है कि समझौते की प्रक्रिया के दौरान प्रतिमा देवी ने सहमति दी थी और अंतिम चरण में आपत्ति उठाने का औचित्य स्पष्ट नहीं है। गुरुवार की सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलों से यह तय होगा कि संपत्ति विवाद के समझौते पर आगे की कानूनी प्रक्रिया किस दिशा में बढ़ेगी।
