नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है। यह उपलब्धि शहरवासियों के लिए गर्व का विषय है।
सुधारों के आधार पर शहरों की रैकिंग तय
दरअसल सर्वेक्षण के दौरान जो रैकिंग शहरों को दी गई उसमें एक्यूआइ में किए गए सुधारों को विशेष अहमित दी गई है। सुधारों के आधार पर शहरों की रैकिंग तय की गई है।
जबलपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 77 रहा
सर्वेक्षण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले टाप 10 शहरों की सूची में शामिल शहरों के एक्यूआइ पर गौर करें तो जबलपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 77 रहा जो देश के अन्य शहरों के मुकाबले सबसे बेहतर और ‘आदर्श’ एक्यूआइ के करीब है।
धूल पर पाया काबू, बढ़ाई हरियाली, 195 अंकों से चमका शहर
बहरहाल शहर की हवा को स्वच्छ बनाएं रखना किसी चुनौती से कम न था। फिर भी बेहतर कार्ययोजना, विभागों का आपसी समन्वय और नागरिकों के सहयोग से यह संभव हुआ। नगर निगम ने मैकेनिकल रोड स्वीपिंग मशीनों से धूल की सफाई, जेटिंग मशीनों से सड़कों और फुटपाथ की धुलाई की हवा में धूल के कणों को नियंत्रित करने के लिए मिस्ट फागर मशीनों का उपयोग और सड़क किनारे पेवर ब्लाक का उपयोग कर वायु प्रदूषण पर काबू पाया।
जबलपुर नगर निगम ने 200 में 199 अंकों का स्कोर खड़ा किया
शहर के मैदान-उद्यान से लेकर पहाड़, सड़क के डिवाइडर सहित चौतरफा बड़ी संख्या में पौधारोपण कर हरियाली की चादर बिछाई। नतीजा ये हुआ कि केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतरगत कराए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में जबलपुर नगर निगम ने 200 में 199 अंकों का स्कोर खड़ा कर दिया।
डुमना में हुआ स्वागत, नागरिकों का जताया आभार
दिल्ली से सम्मान लेकर लौटे महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार का डुमना विमानताल में गर्मजोश स्वागत किया गया। इस अवसर पर उन्होंने जबलपुर को मिली इस उपलब्धि पर उन सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धि उन सभी को समर्पित है जिन्होंने संस्कारधानी को स्वच्छ, हरित और प्रदूषण-मुक्त बनाने का संकल्प में साझेदारी की है। इस अवसर पर दिल्ली से सम्मान लेकर लौटे नगर निगम के अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, उपायुक्त संभव अयाची, कार्यपालन यंत्री जी.एस. मरावी, निज सहायक आनंद सिंह भी उपस्थित रहे।
साल-दर साल सुधरी शहर की हवा
वर्ष वायु गुणवत्ता सूचकांक
2023 24 109
2024 25 92
2025 26 88
2026 27 77
स्वच्छ हवा के मानक
वायु गुणत्ता सूचकांक स्वास्थ्य पर प्रभाव
0- 50 अच्छा कुछ नहीं
51- 100 संतोषजनक संवेदनशील लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है
101- 200 चिंताजनक लंबे समय तक रहने से अस्थमा, दिल के मरीजों की परेशानी
201- 300 खराब सांस,फेफड़े और दिल की बीमारी के लिए अधिक खतरनाक
301- 400 अति खराब स्वस्थ को भी सांस में तकलीफ, फेफड़े, हृदय रोगियों के लिए गंभीर
इन प्रयासों से एक्यूआइ में हुआ सुधार
- आधुनिक मशीनों (मैकेनिकल स्वीपिंग) से नियमित सफाई कराई। पानी के छिड़काव और सड़कों के किनारे धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय किए गए
- शहर के केंद्र में स्थित दो हजार एकड़ क्षेत्रफल में फैले डुमना नेचर रिजर्व में ग्रासलैंड और ग्रीन कवर विकसित किया
- व्यापक स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाए गए, पार्कों, डिवाइडरों और खुले क्षेत्रों में नए पौधे लगाकर ग्रीन कवर का विस्तार किया गया।
- पेड़ों की इस बढ़ती संख्या ने न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाई, बल्कि प्राकृतिक रूप से वायु को शुद्ध करने में भी मदद की।
- खुले में कचरा या सूखी पत्तियां जलाने की प्रथा पर सख्त रोक लगाई गई। इसके स्थान पर वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को अपनाया गया।
- डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और जैविक कचरे के सही निपटान से जहरीले धुएं से मुक्ति मिली और शहर का वातावरण स्वच्छ बना।
- शहरी परिवहन से होने वाले उत्सर्जन को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों और ई-रिक्शा के संचालन को तेजी से बढ़ावा दिया गया।
- सार्वजनिक परिवहन को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने के प्रयासों से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आई।
पिछले चार वर्षों की ऐसी रही वायु गुणवत्ता रैकिंग
वर्ष – रैकिंग
2022 – 22
2023 – 13
2024 – 02
2025 – 02
जबलपुर की यह ऐतिहासिक सफलता केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि स्वच्छ पर्यावरण की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। अन्य शहरों के तुलना में जबलपुर का एक्यूआइ 77 हैं जो देश के अन्य शहरों की तुलना में आदर्श है। सामुदायिक भागीदारी से वायु गुणवत्ता में बड़ा सुधार। जबलपुर का यह माडल आज देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन चुका। तीसरी रैकिंग मिलना सौभाग्य की बात है।
जगत बहादुर सिंह अन्नू, महापौर
जबलपुर को मिली ये बड़ी उपलब्धि है। जबलपुर को मिला ये सम्मान विशेष महत्व रखता हैं। पूरी टीम विशेष रूप से बधाई की पात्र है ।सभी विभागों के भी सराहनीय साझेदारी और नागरिकों का सहयोग रहा। जिसके परिणाम स्वरूप स्वच्छ आबोहवा के अंकों में अपने जबलपुर का एक्यूआई लेवल 77 रहा जो लखनऊ, भोपाल और इंदौर से उत्तम है। इसे आदर्श मानक 60 तक लाने के प्रयास किए जाएंगे।
रामप्रकाश अहिरवार, निगमायुक्त
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