आरोपित ने खुद को सऊदी में रहने वाला उसका पत्नी का भाई बताते हुए भारत आने और खाते में पैसे डालने की बात कही। इसके बाद मीडिया पर बातचीत कर 31 हजार 500 र…और पढ़ें

HighLights
- कई खातों से कराए ऑनलाइन भुगतान
- जमा होने की फर्जी स्लिप भेजी गई
- गढ़ा पुलिस ने दर्ज किया मामला
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। गढ़ा थाना क्षेत्र में सोशल मीडिया पर स्वजन की फर्जी आइडी बनाकर एक व्यक्ति से 95 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की। मुजावर मोहल्ला निवासी नियाज अंसारी के पास पांच सितंबर को मोबाइल में सोशल मीडिया पर उसके पत्नी के भाई अफरीदी शेख के नाम से मैसेज आया।
वीजा खत्म होने और जेल जाने का डर दिखाया
आरोपित ने मुंबई के एजेंट का नंबर देकर वीजा खत्म होने और जेल जाने का डर दिखाया। एजेंट ने बारकोड भेजकर पहले 95 हजार रुपये मांगे।
फिंगरप्रिंट के नाम पर 1.20 लाख और मांगे
नियाज ने पत्नी और स्वजन के खातों से यूपीआई के जरिए अलग-अलग रकम भेज दी। इसके बाद फिंगरप्रिंट के नाम पर 1.20 लाख रुपये और मांगे गए, जिससे उसे ठगी का संदेह हुआ। गढ़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घर बैठे कमाई का झांसा देकर 43 हजार की ठगी
गोरखपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने घर बैठे कमाई का झांसा देकर महिला से 43 हजार रुपये ठग लिए। कटनी के माधवनगर निवासी रोशनी खयानी (30) के मोबाइल पर कुछ दिनों पूर्व प्रतिदिन आठ से 10 हजार रुपये कमाने का विज्ञापन आया था।
मोबाइल के जरिए उसे मीडिया ग्रुप से जोड़ा
आवेदन भरने के बाद मोबाइल के जरिए उसे मीडिया ग्रुप से जोड़ा गया और टास्क दिए गए। टास्क पूरा करने के नाम पर पहले तीन हजार, फिर 10 हजार और इसके बाद 30 हजार रुपये जमा कराए गए। ठगों ने रकम जमा नहीं करने पर पैसे डूबने की बात कही। कुल 43 हजार रुपये ट्रांसफर करने के बाद महिला को ठगी का एहसास हुआ। शिकायत पर गोरखपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ठेकेदार के खाते से 88 हजार रुपये पार
कैंट थाना क्षेत्र में मोबाइल अपडेट होने के दौरान एक ठेकेदार के बैंक खाते से 88 हजार 542 रुपये पार हो गए। राजीव गांधी नगर निवासी वीरेंद्र बावरिया नगर निगम में ठेकेदारी करता है। उसका मोबाइल नगर निगम व बैंक खातों से लिंक नंबर पर संचालित था।
अपडेट होने के बाद कुछ समय के लिए बंद
कुछ दिनों पूर्व उसका मोबाइल अपडेट होने के बाद कुछ समय के लिए बंद हो गया। बाद में मोबाइल चालू कराने के बाद उन्होंने नया फोन खरीदने के लिए यूपीआइ से 14 हजार रुपये का भुगतान करना चाहा, लेकिन खाते में अपर्याप्त राशि बताई गई।
कैंट पुलिस ने की मामला दर्ज कर जांच शुरू
बैंक स्टेटमेंट जांचने पर यूनियन बैंक खाते से यूपीआइ के माध्यम से 29 हजार, 50 हजार और 9542 रुपये तीन अलग-अलग लेन-देन में निकले मिले। उसने इनमें से कोई भुगतान नहीं किया था। कैंट पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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