आरोपित रेल के माध्यम से विगत कुछ समय से वन्यजीवों की तस्करी में लिप्त था। गिरोह के कई सदस्यों जो कि पेट दुकान संचालक आदि हैं। कार्यवाही में कुल 313 नग …और पढ़ें

HighLights
- आरोपित रेल के माध्यम से वन्यजीवों की तस्करी में लिप्त था।
- गिरोह के कई सदस्यों जो कि पेट दुकान संचालक आदि हैं।
- वन्यजीव कछुओं व नग जीवित वन्यजीव को जब्त किया गया।
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाई कोर्ट ने रेल नेटवर्क के जरिये दुर्लभ प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की प्रदेश के विभिन्न शहरों में तस्करी में शामिल संगठित गिरोह के आरोपित परवेज खान व दीपक पारखे की जमानत अर्जी निरस्त कर दी।
तीन फरवरी, 2026 को रेल गाड़ी संख्या 19322 पटना-इंदौर एक्सप्रेस में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्य प्रदेश, भोपाल, रेल्वे सुरक्षा बल एवं वन मंडल भोपाल द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए संत हिरदाराम स्टेशन से अजय सिंह राजपूत पिता राजकुमार निवासी इंदौर जो प्रथम श्रेणी वातानकूलित श्यानयान (फस्ट एसी कोच) में अटेंडेंट के रूप में कार्यरत था। उसके पास से 311 नग दुर्लभ व प्रतिबंधित प्रजाति के जीवित कछुओं को जप्त कर स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) ने वन अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया।
गिरफ्तार आरोपित को फारेस्ट रिमांड में लेकर पूछताछ उपरांत व वैज्ञानिक साक्ष्यों का संग्रहण कर प्रदेश के भीतर कई शहरों नीमच, मंदसौर, रतलाम, इंदौर, देवास, उज्जैन, नागदा, शाजापुर व प्रदेश के बाहर लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में कई दल बनाकर एक साथ छापामार कार्यवाही करते हुए जलीय वन्यजीव कछुओं के अवैध व्यापार में लिप्त एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया।
आरोपित रेल के माध्यम से विगत कुछ समय से वन्यजीवों की तस्करी में लिप्त था। गिरोह के कई सदस्यों जो कि पेट दुकान संचालक आदि हैं। कार्यवाही में कुल 313 नग जीवित दुर्लभ, प्रतिबंधित एवं अनुसूची में दर्ज चार विभिन्न प्रजाति के वन्यजीव कछुओं व नग जीवित वन्यजीव को जब्त किया गया। साथ ही अपराध में प्रयुक्त आरोपितों से एक मोटरसाईकिल व आठ मोबाईल फोन को भी जप्त कर मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
प्रकरण में शामिल आरोपित परवेज खान निवासी रतलाम व दीपक पारखे, निवासी इंदौर द्वारा हाई कोर्ट में जमानत अर्जी दायर की गई थी। जिसे स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इकाई भोपाल द्वारा की गई सटिक विवेचना व अभियोजन पक्ष द्वारा दी गई दलीलो, दुर्लभ जलीय वन्यजीव की तस्करी के अंतराज्जीय गिरोह से संबंधित होकर अत्यंत गंभीर व संवेदनशील प्रकृति के आधार पर निरस्त कर दिया गया। प्रकरण में विवेचना जारी है।
