नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रीवा में जैन साध्वियों को वाहन से टक्कर मारकर कुचले जाने की घटना से जैन समाज आक्रोशित है। मप्र दिगंबर जैन परिषद की ओर से प्रदेश उपाध्यक्ष सुमन कुमार जैन के नेतृत्व में जबलपुर में एसपी व नरसिंहपुर में सुरक्षा और कड़ी कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन।
जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया
एसपी संपत उपाध्याय से जैन समाज के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वे सुरक्षा के इंतजाम अवश्य करेंगे। साथ ही रीवा पुलिस प्रशासन से अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने बात करेंगे। प्रतिनिधि मंडल में डा. संदीप जैन, डा. चंद्रेश जैन, राजकुमार जैन, अभिषेक जैन विक्की, प्रवीण जैन, विकास चौधरी, सचिन जैन, श्रेयस जैन, सुनील सेठिया, सौरभ जैन सोरु, एडवोकेट दर्शित जैन सहित अन्य शामिल थे।
जैन साध्वियों की सड़क हादसे में मृत्यु पर फूटा गुस्सा

इस घटना के विरोध में दिगंबर जैन महासभा जिला नरसिंहपुर ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के नाम जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी हैं। महासभा के अध्यक्ष राजकुमार जैन (गोटेगांव) और महामंत्री द्वय अजय जैन (तेन्दूखेड़ा) व संजय जैन संगम (नरसिंहपुर) के नेतृत्व में सौंपे।
चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया
ज्ञापन में बताया गया कि बीते बुधवार, 20 मई 2026 की सुबह लगभग 6:00 बजे रीवा में एक भीषण हादसा हुआ था। वहां इसी दौरान एक अज्ञात तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी और चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया।
मानवीय चूक नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया कृत्य
सकल जैन समाज का आरोप है कि जिस तरह टक्कर मारने के बाद चालक गाड़ी लेकर भागा है, उससे यह महज एक आकस्मिक मानवीय चूक नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया कृत्य प्रतीत होता है। समाज ने शासन-प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच कराने और फरार दोषी को तत्काल गिरफ्तार कर कठोरतम सजा दिलाने की पुरजोर मांग की है।
मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बहुत अधिक बढ़ा
ज्ञापन में जैन साधु-साध्वियों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया है। महासभा ने मुख्यमंत्री से निवेदन किया है कि जैन संत पूर्णतः अपरिग्रही होते हैं और आजीवन सिर्फ पैदल (पदविहार) ही यात्रा करते हैं। सुबह और शाम के समय उनके मार्ग पर दुर्घटनाओं का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है।
सुरक्षित धार्मिक आचरण के संवैधानिक अधिकार का सम्मान
सरकार पूरे मप्र में पदविहार कर रहे जैन संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन को तत्काल कड़े निर्देश जारी करे, ताकि उनके विहार के दौरान पर्याप्त पुलिस सुरक्षा बल की व्यवस्था हो सके। जैन समाज का कहना है कि संत किसी एक वर्ग के नहीं बल्कि राष्ट्र की नैतिक चेतना होते हैं, और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रत्येक नागरिक के सुरक्षित धार्मिक आचरण के संवैधानिक अधिकार का सम्मान है। इस अवसर पर समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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