26 जून से चार जुलाई के बीच आरोपितों ने 11 बार अलग-अलग क्यूआर कोड पर ट्रांजेक्शन करवाए और कुल 97 हजार 400 रुपये हड़प लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच श…और पढ़ें

HighLights
- सोशल मीडिया पर साड़ियों का विज्ञापन देखा था
- साड़ी वापस कराने और रिफंड दिलाने का झांसा दिया
- खाते में रकम आने के बाद आटोमैटिक ट्रांसफर
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में आनलाइन साड़ी खरीदने के दौरान महिला से 97 हजार 400 रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। समीक्षा टाउन निवासी दीप्ति सिसोदिया के पति रेलवे में टीसी (टिकिट कलेक्टर) है।
भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया गया था
दीप्ति ने कुछ समय पूर्व सोशल मीडिया पर साड़ियों का विज्ञापन देखकर उसमें दो साड़ियां 700 रुपये में आर्डर की थीं। भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया गया था। अगले दिन महिला के मोबाइल पर इंटरनेट काॅल आया और साड़ियों की डिलीवरी के लिए 800 रुपये अतिरिक्त देने की बात कही।
ऑनलाइन भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा
महिला ने ऑर्डर रद कर रकम वापस करने को कहा। इस पर आरोपितों ने 700 रुपये रिफंड के लिए उतनी ही राशि दोबारा भेजने की बात कही और ऑनलाइन भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा। महिला ने 700 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद अलग-अलग बहाने बनाकर उससे दो हजार रुपये सहित अन्य रकम मांगी गई।
खाते में रकम आने के बाद आटोमैटिक ट्रांसफर
कोतवाली थाना क्षेत्र में भी आनलाइन बैंकिंग से जुड़ी धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ है। निवाड़गंज निवासी कपड़ा व्यापारी राहुल जैन ने बताया कि सात अगस्त को उसके खाते में यूपीआई के जरिए 31 हजार रुपये आए।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी
खाते में पहले से दो हजार रुपये थे। करीब सात मिनट बाद उसके खाते से 33 हजार रुपये आटोमैटिक ट्रांसफर हो गए। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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