नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सोशल मीडिया पर 1.20 करोड़ रुपये में अंडकोष बेचने का वीडियो देखकर तीन नाबालिग समेत पांच सिरफिरे युवकों ने 14 वर्षीय बालक की हत्या कर दी और उसके शरीर से गुप्तांग निकाल लिए। जब तीन दिन तक अंडकोष के खरीदार नहीं मिले तो आरोपितों ने उन्हें भी छोटे तालाब में फेंक दिया। चौराहों पर पेन और चाबी के छल्ले बेचने वाले बालक को 100 रुपये का लालच देकर सुनसान जगह ले जाया गया। वहां चाकू से हमला कर उसकी हत्या की गई और शव छोटे तालाब में फेंक दिया गया।
वारदात के दस दिन बाद पुलिस मृतक की पहचान कर सकी, जिसके बाद पूरी साजिश सामने आई। पुलिस ने सभी आरोपितों को पकड़ लिया है। इस दरिंदगी का मास्टरमाइंड तलैया निवासी बीबीए छात्र जोहेब खान निकला। वह खुद वारदात में शामिल नहीं हुआ, बल्कि पुलिस की पकड़ से बचने के लिए तीन नाबालिग समेत चार साथियों के जरिए पूरी साजिश को अंजाम दिया।
वीडियो देखा, फिर करोड़ों कमाने की साजिश रची
पूछताछ में जोहेब ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो देखा था। इसमें एक युवक को बेहोश कर उसके अंडकोष निकालने और उन्हें 1.20 करोड़ रुपये तक में बेचने का दावा किया गया था। वीडियो देखने के बाद उसने किसी युवक को फंसाकर उसके शरीर से अंग निकालने की योजना बनाई।
उसने यह वीडियो पड़ोस में रहने वाले 18 वर्षीय दोस्त आमिर कुरैशी को भी दिखाया। इसके बाद तीन नाबालिगों को साजिश में शामिल किया। पुलिस के अनुसार जोहेब नाबालिगों के सामने डॉक्टर बनकर जाता था। सफेद कोट और स्टेथोस्कोप पहनकर उनसे मिलता और सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा बच्चों को निशाना बनाने की योजना बनाता था।
100 रुपये का लालच, फिर सुनसान रास्ते पर ले गए
14 वर्षीय बालक पुराने शहर में चौराहों पर पेन और चाबी के छल्ले बेचता था और अपनी मां के साथ रहता था। छह अगस्त की दोपहर वह इकबाल मैदान के पास सामान बेच रहा था। इसी दौरान जोहेब के दो नाबालिग साथी वहां पहुंचे। उन्होंने बालक से कहा कि खटलापुरा में कुछ लड़कों से उनका विवाद हो गया है और उनके साथ चलने पर 100 रुपये मिलेंगे। बालक 100 रुपये के लालच में उनके साथ चल पड़ा। रास्ते में आमिर कुरैशी और अन्य साथी भी मिल गए। सभी उसे छोटे तालाब के सुनसान धोबीघाट इलाके में ले गए।
चाकू से हत्या, फिर शरीर से निकाले अंग
वहां आरोपितों ने पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकू से वार किए। हत्या के बाद आमिर ने जोहेब को फोन कर बताया कि काम पूरा हो गया है। जोहेब ने मौके पर आने से इनकार कर दिया और वीडियो में बताए तरीके से आगे की कार्रवाई करने को कहा। इसके बाद आरोपितों ने ब्लेड और अन्य सामान की मदद से मृतक के अंडकोष निकालकर प्लास्टिक की थैली में रख लिए। शव को पहचान छिपाने के लिए छोटे तालाब में फेंक दिया गया।
तीन दिन खरीदार तलाशते रहे, सौदा नहीं हुआ तो अंग भी फेंके
हत्या के बाद जोहेब अंगों का खरीदार तलाशता रहा। उसे उम्मीद थी कि वीडियो में बताए गए तरीके से उसे बड़ी रकम मिल जाएगी। लेकिन तीन दिन तक कोई खरीदार नहीं मिला। जांच के अनुसार, इसके बाद जोहेब ने अंग आमिर और अन्य साथियों को वापस कर दिए। आरोपितों ने कुछ दिन उन्हें छिपाकर रखा, लेकिन जब सौदा नहीं हुआ तो उन्हें भी छोटे तालाब में फेंक दिया।
10 अगस्त को मिला था शव, टैटू से हुई पहचान
मामले की विवेचना कर रहे एसीपी संतोष पटेल ने बताया कि 10 अगस्त को बालक का शव तैरता मिला था। शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। इधर, मृतक की मां ने तलैया थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उसे बरामद डीकंपोज़ शव दिखाया। शरीर पर बने ‘शंकर’ लिखे टैटू से मृतक की पहचान हो गई। इसके बाद आसपास के इलाकों में पूछताछ की गई और पुलिस आरोपितों तक पहुंच गई।
अंडकोष के लिए पहले भी दोस्त को निशाना बना चुके थे आरोपित
जांच में सामने आया कि नाबालिग आरोपितों में से एक ने अंडकोष के लिए अपने दोस्त को भी तीन अगस्त को इसी तरह निशाना बनाया था। आरोपित उसे सुनसान जगह ले गए। वहां तीन आरोपितों ने उसे जमीन पर गिराकर गला दबाया और चाकू निकालकर हत्या करने की तैयारी की। युवक किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर भाग गया। वारदात के बाद वह दहशत में था और पुलिस के पास नहीं गया। अब आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी मिलने के बाद वह तलैया थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है।
मोबाइल में नहीं मिला वीडियो, डिलीट कंटेंट रिकवर करने में जुटी साइबर टीम
एसीपी संतोष पटेल ने बताया कि आरोपितों के मोबाइल की जांच की गई है, लेकिन अभी तक ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला है। जोहेब ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो देखने की बात बताई है, लेकिन उसके मोबाइल में वह वीडियो मौजूद नहीं मिला। जोहेब का मोबाइल साइबर टीम को भेजा गया है। डिलीट किए गए वीडियो को रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि ऐसा वीडियो किसने अपलोड किया था और वह आरोपितों तक कैसे पहुंचा।
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