सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष यह भी बताया गया कि इसी मुद्दे को लेकर पूर्व में कई याचिकाएं दायर हो चुकी हैं और विभिन्न मामलों में तबादला आदेशों पर अंत…और पढ़ें

HighLights
- पंचायत विभाग के प्रमुख सचिव को शपथ-पत्र पेश करने के निर्देश
- पूछा- कैसे हो रहे तबादले, विवादित तबादले पर रोक जारी
- मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को होगी
नईदुनिया प्रतिनिधि जबलपुर। हाई कोर्ट ने ग्राम रोजगार सहायकों के स्थानांतरण से जुड़े मामले में राज्य शासन से विस्तृत जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को शपथ-पत्र दाखिल करने के निर्देश देते हुए ग्राम रोजगार सहायकों के तबादलों की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट करने को कहा है।
अन्य मामले की सुनवाई के दौरान पारित हुआ यह आदेश
न्यायालय ने सरकार से इस संबंध में व्हाइट पेपर भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश अश्विनी कुमार गुप्ता बनाम मध्य प्रदेश शासन सहित अन्य मामले की सुनवाई के दौरान पारित हुआ। पन्ना निवासी याचिकाकर्ता अश्विनी गुप्ता की ओर से अधिवक्ता आर्यन उरमलिया ने पक्ष रखा।
ग्राम रोजगार सहायक का पद गैर स्थानांतरणीय
मामले में मुख्य विवाद ग्राम रोजगार सहायक के पद की स्थानांतरणीय प्रकृति को लेकर है। शासन की नीति में इस पद को स्थानांतरणीय बताया गया है, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से तर्क दिया गया कि ग्राम रोजगार सहायक का पद गैर स्थानांतरणीय है।
तबादला आदेश पर रोक लगाई गई थी
राज्य शासन की ओर से पूर्व में पारित आदेश का हवाला दिया गया, जबकि याचिकाकर्ता की ओर से 13 जुलाई, 2026 को पारित एक आदेश का उल्लेख किया गया, जिसमें समान परिस्थितियों में तबादला आदेश पर रोक लगाई गई थी।
शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से विस्तृत शपथ-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने विभाग से स्पष्ट करने को कहा
कोर्ट ने कहा कि ग्राम रोजगार सहायकों के तबादले किस नीति, प्रक्रिया और अधिकार के तहत किए जा रहे हैं। हाई कोर्ट ने अगली सुनवाई तक विवादित तबादला आदेश के प्रभाव एवं क्रियान्वयन पर रोक जारी रखी है। मामले की अगली सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 को होगी।
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