शाहपुरा कालोनी के ओपन स्पेस पर प्रस्तावित स्कूल निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने शासन-प्रशासन सहित सभी अनावेदक …और पढ़ें

HighLights
- ओपन स्पेस पर प्रस्तावित स्कूल निर्माण विवाद
- शासन को जवाब दाखिल करने का अंतिम अवसर
- अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई को किया निर्धारित
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति विवेक रूसिया व न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राजधानी भोपाल निवासी आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की मां उमा शर्मा को राहत नहीं दी है।
नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया
कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। इस पर कोर्ट ने अंतिम मोहलत देते हुए मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई नियत कर दी है।
भूमि कालोनी के ओपन स्पेस के रूप में आरक्षित थी
दरअसल, शाहपुरा कालोनी हाउस ओनर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष शुभ्रा गोयल की जनहित याचिका में कहा गया है कि सेक्टर-बी की 19,942 वर्गफुट भूमि कालोनी के ओपन स्पेस के रूप में आरक्षित थी।
नगर निगम ने निर्माण अनुमति भी जारी कर दी
आरोप है कि मार्च, 2024 में यह भूमि उमा शर्मा की संस्था को स्कूल निर्माण के लिए आवंटित कर दी गई, जिसके बाद नगर निगम ने निर्माण अनुमति भी जारी कर दी।
अनुमति को नियमविरुद्ध बताते हुए चुनौती दी
याचिकाकर्ताओं ने आवंटन और निर्माण अनुमति को नियमविरुद्ध बताते हुए चुनौती दी है। उल्लेखनीय है कि हाई कोर्ट पहले ही विवादित भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने की अंतरिम व्यवस्था दे चुका है।
