नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में आयोजित 36वें दीक्षा समारोह को विशेष और यादगार बनाने में शिक्षाविद् विजय दत्त श्रीधर को प्रदान की गई मानद उपाधि प्रमुख आकर्षण रही। समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने विभिन्न संकायों में एक से अधिक स्वर्ण पदक अर्जित करने वाले 20 छात्र-छात्राओं को अपने करकमलों से स्वर्ण पदक प्रदान किए तथा उपाधियों का वितरण किया।
मंत्री इंदर सिंह परमार ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया
शिक्षा के क्षेत्र में विशेष उपलब्धि हासिल करने पर विजय दत्त श्रीधर को कला संकाय में मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के 141 विद्यार्थियों को 240 स्वर्ण पदकों का वितरण किया गया। साथ ही 182 शोधार्थियों को पीएचडी सहित विभिन्न उपाधियां प्रदान की गईं।
लक्ष्य बनाकर करो परिश्रम, समाज करता है मूल्यांकन
शिक्षा के क्षेत्र में वर्षों से समाजहित में किए गए समर्पित कार्यों और सतत साधना का सम्मान करते हुए रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा मानद उपाधि प्रदान किए जाने पर सम्मानित शिक्षाविद् विजय दत्त श्रीधर ने इसे अपने जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करना आवश्यक है। बिना लक्ष्य के किया गया प्रयास अक्सर अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाता, जबकि स्पष्ट उद्देश्य और दृढ़ संकल्प व्यक्ति को सफलता के शिखर तक पहुंचाते हैं।
उन्होंने कहा कि समाज के हित में किए गए कार्यों का वास्तविक मूल्यांकन स्वयं समाज करता है। शिक्षा के क्षेत्र में लंबे समय से किए गए योगदान, समर्पण और लगन का ही परिणाम है कि उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुआ है।
