पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर विवेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। मामले में अपर लोक अभियोजक संजय वर्मा ने अभियोजन की ओर से तर्क…और पढ़ें

HighLights
- युवती अपनी बहन के साथ बाजार जा रही थी
- आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज भी की
- आरोपित पर 300 रुपये का अर्थदंड भी लगाया
नईदुनिया प्रतिनिधि, जबलपुर। अपर सत्र न्यायाधीश महिमा कछवाहा की अदालत ने युवती पर अश्लील टिप्पणी करने के मामले में माढ़ोताल निवासी छोटू उर्फ रवि यादव को दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपित पर 300 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज भी की
अभियोजन के अनुसार 12 जुलाई 2025 को एक युवती अपनी बहन के साथ बाजार जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में आरोपित छोटू उर्फ रवि यादव ने उन्हें रोककर युवती पर अश्लील टिप्पणी की। युवती द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज भी की।
विवेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश किया
पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआइआर दर्ज कर विवेचना के बाद न्यायालय में चालान पेश किया। मामले में अपर लोक अभियोजक संजय वर्मा ने अभियोजन की ओर से तर्क प्रस्तुत किए। प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों पर विचार के बाद अदालत ने आरोपित को दोषी पाते हुए दो वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
भोज वेटलैंड, केरवा और कलियासोत का होगा अंतिम सीमांकन
वहीं राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), सेंट्रल जोन बेंच भोपाल ने भोज वेटलैंड, केरवा और कलियासोत जलस्रोतों के संरक्षण व फुल टैंक लेवल (एफटीएल) के अंतिम निर्धारण को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। एनजीटी ने सात सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित करते हुए कहा कि इन जलस्रोतों के एफटीएल संबंधी विवाद का स्थायी समाधान किया जाए।
मूल पर्यावरणीय प्रकृति नहीं बदल जाती
न्यायमूर्ति एसके सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की युगलपीठ ने कहा कि किसी जलस्रोत को डैम या रिजर्वायर कहने मात्र से उसकी मूल पर्यावरणीय प्रकृति नहीं बदल जाती। जलस्रोतों का संरक्षण वर्तमान और भावी पीढ़ियों के हित से जुड़ा है। भोज वेटलैंड का एफटीएल क्षेत्रफल 3,946.33 हेक्टेयर निर्धारित है, जिसमें अपर लेक का 3,872.43 और लोअर लेक का 73.90 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है।
पूर्ण जलस्तर की स्थिति प्राप्त होने तक वेटलैंड के गेट नहीं खोले जाएं
एनजीटी ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि पूर्ण जलस्तर की स्थिति प्राप्त होने तक वेटलैंड के गेट नहीं खोले जाएं। गठित समिति जियो-टैगिंग, सैटेलाइट इमेजरी, ग्राउंड ट्रुथिंग, रिमोट सेंसिंग और ड्रोन सर्वे के माध्यम से सीमांकन का परीक्षण करेगी। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को समिति की नोडल एजेंसी बनाया गया है। एनजीटी ने अतिक्रमण और अवैध निर्माणों पर भी सख्त कार्रवाई की आवश्यकता बताई। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।
