प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद एनसीटीई की सात सदस्यीय टीम ने बीयू और चार बीएड कॉलेजों का औचक निरीक्षण कर कई गंभीर अनियमितताओं की जांच …और पढ़ें

HighLights
- प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद मप्र पहुंची एनसीटीई की टीम
- बीयू और चार बीएड कॉलेजों का औचक निरीक्षण कर अनियमितताओं की जांच शुरू की
- रिकॉर्ड में दर्ज पते पर कॉलेज की जगह खेत मिला, जांच के दायरे में बीयू के 125 बीएड कॉलेज
नईदुनिया प्रतिनिधि,भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) से संबद्ध बीएड कॉलेजों में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। इसकी शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचने के बाद राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की सात सदस्यीय टीम शुक्रवार को भोपाल पहुंची और विश्वविद्यालय के साथ-साथ चार बीएड कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया।
प्रारंभिक जांच में कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद संबंधित कॉलेजों की मान्यता पर संकट गहरा गया है। एनसीटीई की टीम के साथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एसबी सिंह और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले बीयू पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली और बीएड कॉलेजों की संबद्धता, निरीक्षण रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों की जांच की।
मौके पर जाकर किया निरीक्षण
टीम ने श्रीराम महाविद्यालय, जवाहर नेहरू महाविद्यालय, कमलनाथ महाविद्यालय और बगलामुखी शिक्षण संस्थान का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। एनसीटीई ने विश्वविद्यालय से सभी संबंधित फाइलें, निरीक्षण रिपोर्ट, संबद्धता से जुड़े दस्तावेज और अधिकारियों से जानकारी मांगी है। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से पूछताछ भी की जा सकती है।
वहीं, उच्च शिक्षा विभाग ने भी पूरे मामले में विश्वविद्यालय से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। बता दें, कि बीएड कॉलेजों को मान्यता देने का अधिकार एनसीटीई के पास है, जबकि विश्वविद्यालय संबद्धता और उसकी निरंतरता सुनिश्चित करता है। ऐसे में वर्षों तक कथित फर्जी या मानकों के विपरीत संचालित कॉलेजों को मान्यता और संबद्धता मिलते रहने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद एनसीटीई संबंधित संस्थानों की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई कर सकता है।
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श्रीराम महाविद्यालय के पते पर मिला खेत
निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला श्रीराम महाविद्यालय का सामने आया। विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड में विदिशा रोड स्थित ग्राम मुगलिया कोट के खसरा नंबर 148/149/2/1 पर कॉलेज संचालित होना दर्शाया गया है, लेकिन टीम को मौके पर वहां केवल खेती होती मिली।
स्थानीय लोगों ने बताया कि उस स्थान पर कभी कोई कॉलेज संचालित नहीं हुआ। परिसर में तीन भवन जरूर मिले, जिनमें एक बंद था, दूसरे पर मिलेनियम ग्रुप का बोर्ड लगा था और तीसरा निर्माणाधीन था। कहीं भी श्रीराम महाविद्यालय का अस्तित्व नहीं मिला।
125 कॉलेजों पर शिकायतें, 36 में गंभीर गड़बड़ियां
एनसीटीई को बीयू से संबद्ध 125 बीएड कॉलेजों के संबंध में शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जांच में अब तक 36 कॉलेजों में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं, जबकि पांच कॉलेज केवल कागजों में संचालित पाए गए हैं। कुछ संस्थान निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं तो कुछ के संचालन को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं।
