154 अभ्यर्थियों में 135 परीक्षा में शामिल
परीक्षा के लिए 154 अभ्यर्थियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 135 परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 19 अनुपस्थित रहे। परीक्षा आफलाइन माध्यम से आयोजित की जा रही है। प्रश्नपत्र कुल 300 अंकों का था, जिसमें खंड-अ और खंड-ब में 150-150 अंक के प्रश्न शामिल रहे।
तैयारी करने वालों को मिला फायदा
अभ्यर्थियों ने बताया कि प्रश्नपत्र में सीधे तथ्यों के साथ विषय की समझ पर आधारित सवाल भी पूछे गए। दो अंक वाले प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे, जबकि सात अंक वाले प्रश्नों का स्तर भी संतुलित बताया गया। अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्नपत्र न तो बहुत कठिन था और न ही बहुत आसान। समय प्रबंधन की दृष्टि से भी पेपर संतुलित रहा।
सुरक्षा के लिए तीन चरणों में निगरानी
राज्य सेवा मुख्य परीक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए गोपनीय प्रश्नपत्र और अन्य परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आवाजाही के लिए प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए। जिला कोषालय से परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र पहुंचाने के लिए तीन चरणों में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रश्नपत्र केंद्र तक पहुंचाया गया और परीक्षा समाप्ति के बाद गोपनीय सामग्री को तय प्रक्रिया के अनुसार जिला कोषालय में जमा कराया गया।
आज दोपहर 12 बजे तक परीक्षा
परीक्षा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी। मंगलवार 11 सितंबर को परीक्षा दोपहर 12 बजे तक और अंतिम दिन 12 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे तक परीक्षा आयोजित की जाएगी।
इस तरह के सवाल पूछे गए
- सिंधु-सरस्वती सभ्यता स्थल चन्हुदड़ो क्यों प्रसिद्ध है?
- समावर्तन संस्कार को स्पष्ट कीजिए।
- तहकीक-ए-हिंद के विषय में आप क्या जानते हैं?
- औलिकर राजवंश के संस्थापक कौन थे और इसका राज्य कहां स्थित था?
- सीयक द्वितीय की प्रमुख उपलब्धियां लिखिए।
- दोहन सिद्धांत क्या है?
- भारतीय पुनर्जागरण से क्या तात्पर्य है?
- झंडा सत्याग्रह का प्रमुख कारण लिखिए।
- मध्य प्रदेश राज्य के गठन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
- नांद-चांद का मेला कब और कहां लगता है?
- सांची स्तूप स्थल से किन दो बौद्ध शिष्यों के अवशेष प्राप्त हुए हैं?
फैक्ट फाइल
01 परीक्षा केंद्र में आयोजित हुई परीक्षा
10 बजे सुबह शुरु हुई परीक्षा
19 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
135 अभ्यर्थी रहे उपस्थित
154 ने कराया था पंजीयन
300 नंबर का था पेपर
सिलेबस आधारित रहा प्रश्नपत्र
मेरा दूसरा अटेंप था। पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष प्रश्नपत्र सरल रहा। जिन्होंने अच्छे से पढ़ाई की, उनके लिए आसान रहा। प्रश्नपत्र पूरी तरह सिलेबस पर आधारित रहा। दो नंबर वाले प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे और अधिकांश प्रश्नों को लेकर अभ्यर्थियों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। प्रश्नपत्र में ऐसे सवाल भी देखने को मिले, जिनकी अवधारणा या विषय पहले पूछे जा चुके प्रश्नों से मिलती-जुलती थी। इससे तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को फायदा मिला।
नेहा, अभ्यर्थी
सात नंबर वाले प्रश्न भी रहे सरल
प्रश्नपत्र में सात अंक वाले प्रश्न भी बहुत कठिन नहीं थे। सवालों का स्तर संतुलित रहा और तैयारी के अनुरूप प्रश्नों को हल किया जा सका। परीक्षा में आपदा प्रबंधन और भूकंप से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए। इन प्रश्नों के माध्यम से अभ्यर्थियों की आपदा से संबंधित समझ और विषय की जानकारी को परखा गया।
आकाश, अभ्यर्थी
इतिहास में मध्यप्रदेश पर रहा जोर
इतिहास के प्रश्नों में लगभग 90 प्रतिशत सवाल मध्यप्रदेश से संबंधित रहे। मध्यप्रदेश के इतिहास, घटनाओं और स्थानीय संदर्भों से जुड़े प्रश्नों को प्रमुखता दी गई। इससे प्रदेश के इतिहास की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को अपेक्षाकृत आसानी हुई।
आकांक्षा, अभ्यर्थी
समंय प्रबंधन के लिाज से संतुलित रहा पेपर
प्रश्नपत्र में सीधे तथ्यों के साथ-साथ विषय की समझ पर आधारित सवाल भी शामिल रहे। कुल मिलाकर पेपर न तो बहुत कठिन रहा और न ही बहुत आसान। समय प्रबंधन के लिहाज से भी प्रश्नपत्र संतुलित बताया गया।
मयंक, अभ्यर्थी
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