मध्य प्रदेश में समाज के अत्यंत कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं का लाभ प्राप्त करने वालों के एक लाख से अधिक आवेदन लंब…और पढ़ें

HighLights
- सामाजिक न्याय विभाग की योजनाओं के 1 लाख से अधिक आवेदन लंबित
- आयुक्त ने कहा- देरी से सरकार की छवि प्रभावित, रोजाना समीक्षा के निर्देश
- लापरवाही पर जिला अधिकारी होंगे व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। मध्य प्रदेश में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की विभिन्न योजनाओं के एक लाख से अधिक आवेदन लंबित होने पर विभाग ने गंभीर चिंता जताई है। सामाजिक न्याय आयुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने संभागीय और जिला अधिकारियों को परिपत्र जारी कर स्पष्ट कहा है कि समय पर निराकरण नहीं होने से न केवल पात्र हितग्राहियों को परेशानी हो रही है, बल्कि सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है।
आयुक्त ने निर्देश दिए हैं कि सभी अधिकारी प्रतिदिन संबंधित पोर्टलों पर लॉग-इन कर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
पात्र हितग्राहियों को नहीं मिल पा रहा लाभ
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न योजनाओं के 1,00,436 आवेदन लंबित हैं। वहीं, पिछले छह माह से 1.48 लाख पेंशन भुगतान प्रकरण असफल पड़े हैं। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के 44,666 पात्र हितग्राहियों को अब तक लाभ नहीं मिल पाया है।
इसके अलावा स्पर्श पोर्टल पर 3.68 लाख दिव्यांगजनों की यूडीआईडी मैपिंग लंबित है। मुख्यमंत्री कल्याण (विधवा) विवाह योजना के 420 आवेदन, पेंशन पोर्टल पर 15 दिन से अधिक समय से 11,863 आवेदन तथा 6,062 डिजिटल साइन वाले प्रकरण भी लंबित हैं।
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अधिकारियों को दिए निर्देश
आयुक्त ने चेतावनी दी है कि अनावश्यक जांच या अन्य कारणों से आवेदन लंबित रखने वाले अधिकारियों के विरुद्ध अर्थदंड की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, समय-सीमा में निराकरण नहीं होने से उत्पन्न किसी भी प्रतिकूल स्थिति के लिए संबंधित जिला अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।
