मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के ग्राम काफ में 100 साल पुरानी परंपरा खत्म होने जा रही है। यहां लोग पक्की छत बनाने से डरते थे। …और पढ़ें

HighLights
- पहले पक्की छत बनाने से अनहोनी का डर था
- अब गांव में ईंट-कंक्रीट की छतें बनाई जाएंगी
- शादियों में आ रही दिक्कतों से भी मिलेगी राहत
नईदुनिया प्रतिनिधि, विदिशा। मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के ग्राम काफ में पिछले दो दिनों से खुशी का माहौल है। गांव में चली आ रही करीब 100 साल पुरानी परंपरा अब बदलने जा रही है। वर्षों से यहां लोग अपने घरों में पक्की छत नहीं बनाते थे, लेकिन अब ग्रामीणों ने पक्की छत बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।
पक्की छत बनाने से अनहोनी का था डर
करीब 300 से ज्यादा आबादी वाले काफ गांव में लोगों की मान्यता थी कि यदि किसी घर पर पक्की छत बनाई गई तो परिवार में असमय मृत्यु जैसी घटनाएं हो सकती हैं। इसी डर के कारण ग्रामीणों ने मकान तो पक्की ईंटों से बनाए, लेकिन छत के लिए कबेलू (खपरैल) या टीनशेड का ही इस्तेमाल किया।
गांव के गणेशराम लोधी ने बताया कि उन्होंने अपने पूर्वजों से यही सुना था कि पक्की छत डालने से परेशानी आ सकती है। इसी परंपरा को मानते हुए ग्रामीण वर्षों से पक्की छत बनाने से बचते रहे।
प्रधानमंत्री आवास में भी नहीं बनी पक्की छत
गांव के सरपंच गजेंद्र रघुवंशी ने बताया कि काफ गांव के करीब 10 लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर मिले हैं। परंपरा के कारण इन घरों में भी पक्की छत नहीं बनाई गई और टीनशेड या खपरैल का उपयोग किया गया।
हनुमान मंदिर में मिले संकेत के बाद बदला फैसला
दो दिन पहले गांव के मंदिर में हनुमान जी की प्राण प्रतिष्ठा और यज्ञ की पूर्णाहुति हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने यज्ञाचार्यों से परंपरा को लेकर निर्णय जानने का आग्रह किया। इसके बाद हनुमान जी की प्रतिमा के सामने दो पर्चियां रखी गईं। एक पर्ची पर लिखा था कि छत डाल सकते हैं और दूसरी पर लिखा था कि छत नहीं डाल सकते।
एक छोटी बालिका ने पर्ची खोली तो उसमें ‘छत डाल सकते हो’ लिखा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने इसे दैवीय संकेत मानते हुए पक्की छत बनाने का निर्णय लिया।
शादियों में आ रही थी परेशानी
ग्रामीण जितेंद्र शर्मा ने बताया कि इस परंपरा के कारण युवाओं की शादियों में भी परेशानी आने लगी थी। कई बार लड़की पक्ष घर देखने आता था और टीनशेड या खपरैल देखकर रिश्ते से मना कर देता था। अब पक्की छत बनने से ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह समस्या भी दूर होगी।
