भोपाल सहित संभाग के सभी जिलों में लोगों की सुनवाई पूरी तरह से ठप हो गई है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर 58 हजार से अधिक शिकायतें लंबित बनी …और पढ़ें

HighLights
- मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर 58 हजार शिकायतें लंबित बनी हुई हैं
- लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर होगी दंडात्मक कार्रवाई
- संभागायुक्त ने लंबित शिकायतों का निराकरण करने दिए निर्देश
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। राजधानी सहित संभाग के सभी जिलों में लोगों की सुनवाई पूरी तरह से ठप हो गई है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर 58 हजार से अधिक शिकायतें लंबित बनी हुई हैं, जिनका निराकरण समय पर नहीं किया गया है। इसी को लेकर संभागायुक्त ने शुक्रवार को समीक्षा बैठक लेते हुए लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा है कि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में विभिन्न विभागों अधिकारी उपस्थित थे। जानकारी के अनुसार संभागायुक्त ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर 100 दिन से अधिक लंबित शिकायतों को लेकर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा गेहूं उपार्जन कार्य की समीक्षा करते हुए खाद्य आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन को निर्देश दिए कि उपार्जन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ संचालित किया जाए ।सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित हों।
स्लाट बुकिंग, परिवहन व्यवस्था, पर्याप्त बारदाना उपलब्धता व निर्धारित समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जाए। सभी जिलों में उपार्जन के लिए शेष रकबा व किसानों की विस्तृत जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए हैं।वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए संभाग कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों के पंजीयन की जानकारी पोषण ट्रैकर पोर्टल पर दर्ज की जाए और शहरी क्षेत्रों में नये आंगनबाड़ी भवन निर्माण का कार्य जल्द शुरू किया जाए। साथ ही 70 साल या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड अभियान चलाकर बनाए जाएं।
लगातार बैठक में अनुपस्थित रहने पर संयुक्त संचालक पर होगी कार्रवाई
संभागायुक्त संजीव सिंह द्वारा शुक्रवार को समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक ली जाती है, इस दौरान संभाग के प्रत्येक विभाग के अधिकारियों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।इसके बाद भी नगरीय विकास एवं आवास विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक लगातार अनुपस्थित बने हुए हैं।इस पर संभागायुक्त ने उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
