हादसा इतना भयावह था कि सरिया किशोर के गले और जबड़े को चीरते हुए मुंह से बाहर निकल आया। गंभीर हालत में उसे प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है …और पढ़ें

HighLights
- बड़वाह में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया
- 16 वर्षीय किशोर के गले में सीआईएसएफ परिसर की बाउंड्री वॉल का नुकीला सरिया आर-पार घुस गया
- सरिया किशोर के गले और जबड़े को चीरते हुए मुंह से बाहर निकल आया
नईदुनिया प्रतिनिधि, खरगोन। जिले के बड़वाह में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बच्चों के साथ खेल रहे 16 वर्षीय किशोर टैटू पिता बलराम के गले में सीआईएसएफ परिसर की बाउंड्री वॉल का नुकीला सरिया आर-पार घुस गया। हादसा इतना भयावह था कि सरिया किशोर के गले और जबड़े को चीरते हुए मुंह से बाहर निकल आया। गंभीर हालत में उसे प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है।
घटना बड़वाह के वार्ड क्रमांक-2 स्थित सीआईएसएफ क्षेत्र के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चे सड़क किनारे खेल रहे थे। इसी दौरान एक बच्चे की चप्पल करीब आठ फीट ऊंची सीआईएसएफ सुरक्षा दीवार के उस पार जा गिरी। साथियों के कहने पर टैटू चप्पल लेने के लिए दीवार के दूसरी ओर उतरा।
बताया जा रहा है कि जब वह वापस चप्पल फेंकने के बाद दीवार पर चढ़ रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया। दीवार पर सुरक्षा के नाम पर लगाए गए नुकीले लोहे के सरिए सीधे उसके गले में धंस गए। सरिया इतनी तेजी से घुसा कि गले और जबड़े को भेदते हुए मुंह से बाहर निकल आया। घटना देखते ही बच्चों की चीख-पुकार मच गई और मौके पर अफरा-तफरी फैल गई।
एक घंटे तक चला जिंदगी बचाने का संघर्ष

हादसे के बाद स्थानीय रहवासी तुरंत मौके पर पहुंचे। किशोर सरिए में फंसा हुआ तड़प रहा था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसे सीधे हटाना संभव नहीं था। बाद में कटर मशीन मंगाई गई और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद सरिए को काटकर किशोर को बाहर निकाला गया।
मौके पर पहुंची 112 डायल पुलिस की मदद से उसे तत्काल बड़वाह सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया।
रहवासियों में आक्रोश, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। रहवासियों का कहना है कि सीआईएसएफ की बाउंड्री वॉल पर लगे नुकीले सरिए लंबे समय से हादसे को न्योता दे रहे थे। क्षेत्र में बच्चे रोज खेलते हैं, बावजूद इसके सुरक्षा के नाम पर लगाए गए खतरनाक सरियों को लेकर कभी कोई सावधानी नहीं बरती गई।
स्थानीय रहवासी नन्ही बाई ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसा बेहद दर्दनाक था और बच्चे की हालत देखकर हर कोई सहम गया।
