मध्य प्रदेश के सागर जिले में अवैध एवं अमानक-जहरीली शराब की बिक्री व सेवन पर अंकुश लगाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने अत्यंत सख्…और पढ़ें

HighLights
- अवैध शराब की रोकथाम के लिए त्रिस्तरीय रणनीति
- सर्वे, चौपाल और सख्त कानूनी कार्रवाई
- देलखंड मेडिकल कॉलेज 24 घंटे अलर्ट मोड पर
नवदुनिया प्रतिनिधि, सागर। जिले में अवैध एवं अमानक-जहरीली शराब की बिक्री व सेवन पर अंकुश लगाने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए जिला प्रशासन ने अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राजस्व एवं ग्रामीण विकास अमले को क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाने और जीरो टालरेंस की नीति पर काम करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ जगदीश गोमे, अपर कलेक्टर अविनाश रावत, बंडा एसडीएम संजय जैन, जनपद सीईओ शिवानी कौरव सहित अन्य वरिष्ठ जिलाधिकारी, सचिव, जीआरएस एवं पटवारी उपस्थित रहे।
डोर-टू-डोर सर्वे एवं घर-घर दस्तक
पटवारी, सचिव, आशा/एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं कोटवार की संयुक्त टीम प्रत्येक गांव में घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेगी। नशा छोड़ने की समझाइश दी जाएगी।
गांव-गांव जाकर संदिग्ध मरीजों की होगी पहचान
अमानक व जहरीली शराब के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों को ध्यान में रखते हुए गांव-गांव में संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्तियों की हेल्थ स्क्रीनिंग की जाएगी। अमानक या विषैली शराब के सेवन के लक्षण आमतौर पर 24 से 36 घंटे के भीतर सामने आने लगते हैं। ऐसे में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा बुंदेलखंड मेडिकल कालेज को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखा गया है।
