मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए प्रत्येक शिक्षक से एक हजार रुपये रुपए परीक्षा शुल्क और 60 रुपये पोर्टल …और पढ़ें

HighLights
- मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा पर घमासान
- 1.50 लाख शिक्षकों पर ₹15 करोड़ का बोझ
- एमपी ईएसबी की टीईटी परीक्षा शुल्क का विरोध
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 1.50 लाख प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य की गई है। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए प्रत्येक शिक्षक से एक हजार रुपये रुपए परीक्षा शुल्क और 60 रुपये पोर्टल शुल्क लिया जाएगा। इस हिसाब से करीब 15 करोड़ रुपये केवल परीक्षा शुल्क के ईएसबी को मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हो चुकी है, जबकि आनलाइन परीक्षा 12 अक्टूबर से प्रस्तावित है।
परीक्षा शुल्क पर भड़के शिक्षक
शिक्षक संगठनों ने शुल्क निर्धारण पर सवाल उठाते हुए कहा है कि संबंधित शिक्षक किसी नई नौकरी या पद के लिए परीक्षा नहीं दे रहे हैं। वे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में सेवा में बने रहने की पात्रता पूरी करने के लिए टीईटी देंगे। ऐसे में परीक्षा का खर्च शिक्षकों से वसूलना उचित नहीं है। संगठनों के अनुसार इएसबी की अन्य परीक्षाओं में सामान्य वर्ग के आवेदकों से 500 रुपये और अन्य वर्गों से 250 रुपये शुल्क लिया जाता है।
शासकीय शिक्षक संगठन मध्य प्रदेश ने सेवारत शिक्षकों की टीईटी निशुल्क कराने की मांग की है। संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि परीक्षा शासन और शिक्षा विभाग के निर्देशों के पालन का हिस्सा है, इसलिए इसका खर्च सरकार को उठाना चाहिए। संगठन ने ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन परीक्षा कराने की भी मांग की है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, तकनीकी संसाधनों और सर्वर संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए संगठन ने ऑफलाइन परीक्षा को अधिक व्यावहारिक बताया है।
शिक्षकों की सूची जारी करने की मांग
शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षा विभाग के पास सभी शिक्षकों का सेवा और शैक्षणिक रिकार्ड उपलब्ध है। विभाग को टीईटी से वंचित शिक्षकों की सूची जारी करनी चाहिए, ताकि सभी शिक्षकों से अनावश्यक रूप से आवेदन न कराया जाए। संगठनों ने मुख्यमंत्री और स्कूल शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर शुल्क माफी की मांग करने की तैयारी की है।
