नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। पवित्र सावन माह के दौरान मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मौसम का मिजाज काफी सुहाना रहने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार अगस्त महीने में भोपाल का जलवायु लक्षण काफी हद तक जुलाई जैसा ही रहता है, लेकिन सावन की रिमझिम फुहारों के बीच जुलाई की तुलना में यह महीना अधिक ठंडा होता है।
बीते 10 वर्षों में 2020 में 210.6 मिलीमीटर और 2022 में 190.5 मिलीमीटर में 24 घंटों में भारी वर्षा दर्ज की गई थी। कुल मिलाकर सावन का यह महीना राजधानीवासियों के लिए खुशगवार मौसम लेकर आएगा।
मानसून द्रोणिका का प्रभाव बना रहेगा
मौसम विज्ञानी पीसी साहू ने बताया कि प्रदेश के ऊपर से गुजर रहा लो प्रेशर एरिया अब गुजरात की तरफ आगे बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर शनिवार से राज्य भर में वर्षा की गतिविधियों में कमी आएगी और भारी वर्षा की संभावना कम है, हालांकि मानसून द्रोणिका का प्रभाव बना रहेगा।
कहां कितनी हुई वर्षा
शुक्रवार को प्रदेश में सबसे अधिक बारिश खंडवा में 94 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा बुरहानपुर में 55 मिलीमीटर, सीहोर में 50 मिलीमीटर, धार में 27 मिलीमीटर, खरगोन में 25 मिलीमीटर, छिंदवाड़ा में 16 मिलीमीटर, दतिया में 10.5 मिलीमीटर, भोपाल 8 मिलीमीटर, नर्मदापुरम में 7 मिलीमीटर और इंदौर में 5 मिलीमीटर बरसात हुई।
तापमान और वर्षा का गणित
मौसम विभाग के अनुसार अगस्त माह में भोपाल की औसत वर्षा 326 मिलीमीटर दर्ज की जाती है, जिसमें औसतन 13.9 दिन वर्षा के होते हैं। हवा में नमी 79 प्रतिशत से 89 प्रतिशत के बीच रहती है। जब भी मानसून में ब्रेक आता है, तब हल्की गर्माहट और उमस बढ़ती है। इस दौरान औसत अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री रहता है, जिससे दिन-रात के तापमान में ज्यादा अंतर नहीं दिखता।
