नईदुनिया प्रतिनिधि, खंडवा। इंदिरा सागर बांध के सामने बने जगमूर्ति सेतु के पास शुक्रवार को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने एक तीर्थयात्री परिवार की खुशियों को पलभर में मातम में बदल दिया।
उत्तर प्रदेश के वाराणसी (बनारस) से धार्मिक यात्रा पर निकला परिवार बांध की खूबसूरती को कैमरे में कैद करने के लिए कुछ देर रुका था। कोई सेल्फी ले रहा था, कोई बच्चों के साथ तस्वीरें खिंचवा रहा था।
तभी राखड़ (फ्लाई ऐश) से भरा एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर वहां पहुंचा और टवेरा वाहन सहित श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए।
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वाहन में फंसा चालक, गेट तोड़कर निकाला
- हादसे के बाद का दृश्य दिल दहला देने वाला था। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था। सवारी वाहन का चालक उसमें फंस गया, जिसे दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला गया।
- घायल श्रद्धालुओं की चीख-पुकार और अपनों को बचाने की गुहार से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
- सबसे मार्मिक दृश्य 13 वर्षीय बालिका आरोही गुप्ता का था, जो रोते-बिलखते हुए बार-बार कह रही थी, “हम लोग गाड़ी में बैठे थे, फोटो खिंचवा रहे थे।
- पीछे से ट्रक वाले ने आकर टक्कर मार दी। मेरे भाई और मेरी मम्मी को बचा लो, उन्हें बहुत बुरी चोट लगी है।” मासूम की यह पुकार वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर गई।
सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम के लिए रवाना हुए थे
- जानकारी के अनुसार परिवार पहले महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन पहुंचा था। वहां दर्शन के बाद ओंकारेश्वर में नर्मदा स्नान और भगवान के दर्शन किए।
- इसके बाद सभी सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम के लिए रवाना हुए थे।
- इंदिरा सागर बांध का मनोरम दृश्य देखकर उन्होंने कुछ देर रुककर फोटो-वीडियो बनाने का निर्णय लिया।
- लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह पड़ाव उनकी जिंदगी का सबसे भयावह पल बन जाएगा। हादसे की सूचना मिलते ही नर्मदा थाना पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे।
हादसे में ये हुए घायल
सभी घायलों को तत्काल इंदिरा सागर बांध स्थित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को जिला अस्पताल खंडवा रेफर कर दिया गया। घायलों में संजय प्रताप गुप्ता (46), कन्हैयालाल गुप्ता (51), ममता देवी (42), रीना देवी (38), अमित, तूलिका (13), आरोही (13), गरिमा (10), ईशान (8), कलावती (65) तथा वाहन चालक मुकेश शामिल हैं। मृत महिला का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल में कराया गया।
चालक बोला-ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे
प्रारंभिक पूछताछ में ट्रक चालक ने पुलिस को बताया कि ट्रक के ब्रेक फेल हो गए थे, जिससे वह वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे में शामिल टवेरा वाहन का पंजीयन क्रमांक एमपी-13-डीआई-9998 तथा राखड़ से भरे ट्रक का क्रमांक एमपी-09-जीएफ-4843 बताया गया है। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर जांच शुरू कर दी है।
राखड़ ट्रकों की रफ्तार फिर सवालों के घेरे में
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि राखड़ से भरे भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही पर गंभीर सवाल भी खड़े करता है। इंदिरा सागर परियोजना और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में राखड़ से लदे ट्रक गुजरते हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इन ट्रकों की तेज रफ्तार, लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की शिकायत करते रहे हैं। इसके बावजूद प्रभावी निगरानी और सख्त कार्रवाई का अभाव लगातार सामने आता रहा है।
जांच के आधार पर कार्रवाई
अनियंत्रित ट्रक सवारी वाहन में घुस गया, जिससे श्रद्धालु घायल हो गए। एक महिला की मौत हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
धीरेश धारवाल, थाना प्रभारी, नर्मदानगर
