मामला आंगनवाड़ी केन्द्र पांड क्रमांक-01 में सहायिका के पद पर नियुक्ति से संबंधित है। आवेदिका किरण बैगा द्वारा इस संबंध में शिकायत की गई थी।

HighLights
- एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी
- नियुक्ति के लिए व्यक्तिगत रूप से मांगी
- निलंबन अवधि में मुख्यालय कार्यालय सीधी तय।
नईदुनिया प्रतिनिधि सीधी। आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति के एवज में एक लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में कलेक्टर विकास मिश्रा ने ज्योति विश्वकर्मा, पर्यवेक्षक एवं प्रभारी परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना मझौली को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
सहायिका के पद पर नियुक्ति से संबंधित मामला
मामला आंगनवाड़ी केन्द्र पांड क्रमांक-01 में सहायिका के पद पर नियुक्ति से संबंधित है। आवेदिका किरण बैगा द्वारा इस संबंध में शिकायत की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि नियुक्ति के एवज में ज्योति विश्वकर्मा द्वारा व्यक्तिगत रूप से तथा फोन के माध्यम से एक लाख रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
नियुक्ति प्रक्रिया में एक माह से अधिक का विलंब
शिकायत पर प्राप्त निर्देशों के बाद मामले की जांच की गई। जांच के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया में एक माह से अधिक का विलंब किए जाने के साथ ही रिश्वत की मांग से संबंधित तीन ऑडियो प्रमाण भी पाए गए।
नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी
निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना रामपुर नैकिन क्रमांक-01, जिला सीधी निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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