नईदुनिया प्रतिनिधि, रतलाम। श्री पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा के तत्वावधान में आयोजित महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक महोत्सव के दौरान अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत 1008 रविंद्र पुरी महाराज ने सिंहस्थ-2028, लव जिहाद, यूसीसी और अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी प्रकरण पर बेबाक राय रखी।
उन्होंने कहा कि आगामी सिंहस्थ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों सनातनियों के लिए प्रायश्चित और आस्था का महापर्व होगा। पत्रकार वार्ता में रविंद्र पुरी ने कहा कि वर्ष 2016 के सिंहस्थ में संतों का राजसी स्नान क्षिप्रा के बजाय नर्मदा के जल से कराना पड़ा था, जिससे संत समाज संतुष्ट नहीं था।
उन्होंने कहा, “अगले सिंहस्थ में हमें क्षिप्रा का ही जल चाहिए था। मुख्यमंत्री के प्रयासों से क्षिप्रा के स्रोत खोले जा रहे हैं। 30 किलोमीटर लंबा घाट बन रहा है। मैं पूरे विश्व के सनातनियों का आह्वान करता हूं कि उज्जैन आएं और क्षिप्रा स्नान कर ज्ञात-अज्ञात पापों का प्रायश्चित करें।”
उन्होंने कहा कि महाकाल लोक और उज्जैन के विकास ने लाखों लोगों को रोजगार दिया है। पहले जहां महाकाल मंदिर में प्रतिदिन पांच से छह हजार श्रद्धालु पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या लाखों में पहुंच गई है।
लव जिहाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा कि यह देश की बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा, “हमारे यहां सबसे बड़ी समस्या लव जिहाद और लैंड जिहाद की है।
उत्तराखंड में हजारों बेटियां इसका शिकार हुईं। संत समाज के प्रयासों से अवैध मज़ारों को हटाया गया। आगामी सिंहस्थ से पहले उज्जैन में भी अवैध निर्माणों की समीक्षा होनी चाहिए और इस विषय पर मुख्यमंत्री से चर्चा की जाएगी।”
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर उन्होंने उत्तराखंड सरकार की सराहना करते हुए कहा कि यह कानून पूरे देश में लागू होना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम दो हमारे दो का सिद्धांत सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए, चाहे कोई भी धर्म का हो। समान अधिकार और समान कानून देशहित में हैं।”
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों पर रविंद्र पुरी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और बिना तथ्य सामने आए किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “आरोप लगना अलग बात है और दोष सिद्ध होना अलग। एसआईटी जांच कर रही है। जो भी दोषी होगा उसे सजा मिलेगी, लेकिन जांच पूरी होने से पहले किसी को बदनाम करना उचित नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत मजबूत है और पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। इससे पूर्व सैलाना के ग्राम आडवाणिया स्थित आश्रम के महंत श्री श्री 1008 आनंद गिरी महाराज का वैदिक मंत्रोच्चार और संतों की उपस्थिति में महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया।
कार्यक्रम में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज और आनंद अखाड़ा पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद गिरी महाराज मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे।
इनके अलावा महामंडलेश्वर वैराग्यानंद गिरी महाराज, पंचायती श्री निरंजन अखाड़ा के सचिव महंत रामरतन गिरी महाराज और उज्जैन चार धाम आश्रम के महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद महाराज सहित कई अन्य संत-विद्वान के अलावा शहर के राजनीतिक, धार्मिक व आमजन भी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
